सियासत में समीकरण और माहौल के साथ ही ईश्वर की कृपा भी बरसनी जरूरी है। नवरात्र का समय और 51 शक्तिपीठों में शुमार मां पाटेश्वरी धाम देवीपाटन मंदिर व विंध्याचल देवी दरबार से कद्दावर नेताओं का जुड़ाव है। चुनावी दौर में मां के दरबार में मत्था टेक कर आशीर्वाद प्राप्त करने का दौर शुरू हो गया है।
नेता मां के दरबार में परिवार के साथ पहुंचकर अनुष्ठान में शामिल हो रहे हैं। चुनावी व्यस्तता के बीच ऑनलाइन पूजन की भी व्यवस्था है। देवीपाटन मंदिर में बहराइच के एक दावेदार ने अनुष्ठान शुरू कराया है। पंचमी पर उनकी विशेष पूजा होगा। इसी तरह गोंडा, अयोध्या व गोरखपुर क्षेत्र के नेता भी मंदिर में पहुंचेंगे।
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कई तिथियां हैं अहम, पूरी होती है मुराद देवीपाटन दरबार में नवमी तक कई तिथियां हैं जो मुराद पूरी होने के लिए अहम हैं। पंचमी को काफी शुभ माना जाता है। इस दिन नेपाल के दांग चौखड़ा जिले से पीर रतन नाथ की शोभायात्रा शक्तिपीठ पहुंचती है। इस दिन मां व उनके भक्त पीर रतन नाथ की साथ- साथ पूजा होती है। अष्टमी व नवमी के दिन भी पूजा का अपना अलग ही महत्व है। मंदिर परिसर से ही लेते हैं प्रसाद: मंदिर परिसर से ही मां को चढ़ाने के लिए नारियल, लड्डू, फूल, चुनरी, एक विशेष धातु की आंख का नमूना मिलता है।
विंध्याचल दरबार में भी हाजिरी
मिर्जापुर। विंध्याचल में चल रहे चैत्र नवरात्र मेला में विभिन्न पार्टियों के नेता अपनी मनोकामना के साथ मां के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से जुड़े लोगों के तो नौ दिवसीय अनुष्ठान चल रहे हैं।
50 प्रतिशत तक बढ़ी वीआईपी दक्षिणा: नवरात्र के दौरान विंध्याचल में भीड़ ही नहीं तीर्थपुरोहितों की दक्षिणा में भी भारी इजाफा हुआ है। वीआईपी यजमान की इच्छा पूरी करने के लिए 50 प्रतिशत ज्यादा दक्षिणा ली जा रही है। जहां पहले 5-10 हजार तक वीआईपी से लेते थे तो अब वह 30 से 50 हजार तक पहुंच गया है।