इसे उत्साह कहें या फिर अध्यक्ष की गुडबुक में शामिल होने की होड़, आए दिन भाजपा में मोर्चा या प्रकोष्ठ या फिर कोई अन्य नेता किसी न किसी को पार्टी में शामिल करवाने पहुंच जाता है।
होड़ के इस उत्साह ने पार्टी नेताओं के दिमाग को इस कदर आसमान पर पहुंचा दिया है कि उन्हें लगता है वे जो करेंगे, वह गलत हो ही नहीं सकता।
सो पिछले दिनों पार्टी की ऐसी किरकिरी हुई कि नेताओं को जवाब देते नहीं बना।
पार्टी ने सपा की एक महिला नेता के भाजपा में शामिल होने का दावा कर डाला। अखबारों में खबर छपी तो सपा नेता हैरान।
पार्टी हाईकमान की गाज गिरने का डर अलग। तुरंत खंडन जारी किया। बेचारे भाजपाई! जवाब देते भी तो क्या।
बस इतना ही कहकर रह गए कि अमुक उन्हें लेकर आए थे तो कोई बोला मैं तो उन्हें जानता नहीं, फलां ने कहा तो मैंने भी कह दिया। समझा जा सकता है कि यूपी के भाजपाई पार्टी का ग्राफ कैसे बढ़ा रहे हैं।