जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी से सोनिया गांधी की मुलाकात हुई तो भाजपाइयों ने इसे सांप्रदायिक बताकर चुनाव आयोग से शिकायत कर दी।
अब भाजपा के नेता खुद भी मुस्लिम धर्मगुरुओं की चौखट पर हाजिरी लगाने में पीछे नहीं है।
लखनऊ से चुनाव लड़ रहे भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मुस्लिमों को अपने पाले में खींचने के लिए राजधानी के एक नहीं बल्कि कई मुस्लिम धर्मगुरुओं के दर पर दस्तक दे डाली।
राजनाथ ने लगभग सभी प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं कल्बे सादिक, कल्बे जव्वाद, मौलाना हमीदुल हसन, मौलाना यासूब अब्बास तथा खालिद रशीद फरंगी महली से मुलाकात कर समर्थन मांगा।
वैसे राजनाथ खुद इसे शिष्टाचार भेंट बता रहे हैं लेकिन सियासी गलियारे में भाजपा के दोहरे चरित्र की खूब चर्चा हो रही है।
लोग चुटकी ले रहे हैं कि बुखारी सोनिया से मिलें तो सांप्रदायिक माना जाए और राजनाथ मुस्लिम धर्मगुरुओं से मिलें तो शिष्टाचार। चुनावी बेला में लोग ‘शिष्टाचार’ के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। ये जो पब्लिक है, सब जानती है।