नेताजी आजकल आईने में नेताओं को उनकी तस्वीरें दिखा रहे हैं। दरअसल, लोकसभा चुनाव से पहले मंत्रियों, पार्टी नेताओं ने नेताजी को सूखे के मौसम में खूब हरियाली दिखाई, मनमाफिक फैसले कराए।
दो दर्जन जिलों में तो पार्टी संगठन भी मंत्रियों की जेब में ही था। संगठन और सरकार में बेहतर तालमेल न होने से शानदार नतीजों की संभावनाएं धूल-धूसरित होने के बाद नेताजी के रुख में थोड़ा बदलाव आया है।
जिला स्तर पर संगठन खड़ा करने से पहले उन्होंने मंत्रियों, नेताओं से मिलने में गुरेज नहीं किया। चुनिंदा मुलाकातियों में कुछ ऐसे भी रहे जिन्हें नेताजी ने चुनाव से पहले के दावे और बाद की हकीकत की याद दिला दी।
एक मंत्री ने साफगोई से कहा, नेताजी ने आईना ले रखा है। इसमें सभी का चेहरा है। जहां जरूरत होती है, दिखा देते हैं।
जिलाध्यक्ष बनाने में अधिकतर जिलों में वफादार नेताओं को तरजीह दी गई है। यह भी मंत्रियों, नेताओं के लिए आईना है। चंद जिलों को छोड़ दें तो उन्होंने पार्टी को जेबी कल्चर से मुक्ति दिला दी है।