कन्या विद्याधन, लैपटॉप, बेरोजगारी भत्ता जैसी योजनाओं को बंद करने को लेकर जब आम लोग सोचते भी नहीं रहे होंगे, सरकार के एक मंत्री ने अमेठी में उसका धमाका कर लोगों को चौंका दिया था।
हालांकि इस खुलासे को पुख्ता करने के लिए जब सवाल-जवाब बढ़ा तो वे अंदर की बात बाहर होने की वजह से ही खुलासे का भाव बदलने पर उतर आए थे।
पर जब बजट आया तो पता चल गया कि इस परम गोपनीय फैसले की जिन चंद लोगों को जानकारी थी, उनमें मंत्रीजी भी शामिल थे।
सदन में बजट पेश होने के बाद मंत्री के साथियों से लेकर ब्यूरोक्रेसी तक में इस खास मंत्री की अंदरखाने तक गहरी पकड़ की चर्चा आम रही।
कुछ दिन पहले जब वह अपनी पार्टी की मुखिया की बैठक में पार्टी को सीटें न दिला पाने को लेकर इंगित किए गए थे।
तब लोगों को लगा था कि इस खास मंत्री की भी सरकार में पकड़ कमजोर पड़ी है। पर, जिस तरह से बजट की गोपनीय बातों की उन्हें जानकारी रही, उससे उनकी धाक बढ़ गई है।