बदायूं कांड को लेकर वहां राजनीतिक-पर्यटन परवान पर है। एक राष्ट्रीय पार्टी के युवराज भी पहुंचे। परिवारीजनों से मुलाकात के बाद मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर दी गई।
पार्टी के प्रदेश मुखिया कहां पीछे रहते? उसी दिन शाम को ही बयान दे डाला कि अगर प्रदेश सरकार सीबीआई जांच की मांग नहीं मानती है तो वे अगले दिन से अनशन पर बैठ जाएंगे।
नेताजी ने बयान जारी करने से पहले यह भी नहीं ध्यान दिया कि प्रदेश सरकार तो उसी दिन दोपहर में ही घोषणा कर चुकी थी। पर, नेताजी तो ठहरे नेताजी।
पहुंच गए अनशन पर बैठने। सोचा था कि कल नहीं छपे, तो आज छप जाएंगे। इसी बीच, मीडिया के उनके एक शुभचिंतक ने कान में कहा, ‘सरकार तो कल ही घोषणा कर चुकी है।
यह अखबार में भी छपा है।’ बेचारे मुखियाजी से न निगलते बना, न उगलते। अब लोग चुटकी ले रहे हैं, ‘ऐसे ही नेताओं के चलते पार्टी का यह हाल हुआ है।’