लखनऊ। केजीएमयू में नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के जनप्रतिनिधियों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर दलित या ओबीसी से कुलपति नियुक्त करने की मांग की है। इनका कहना है कि 123 वर्षों के इतिहास में केजीएमयू को आज तक अनुसूचित जाति या पिछड़े वर्ग का कोई कुलपति नहीं मिला है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने ईमेल और एक्स के माध्यम से राज्यपाल से इस संबंध में मांग उठाई है। वहीं, सांसद एवं पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री लालजी वर्मा और सांसद एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री आरके चौधरी ने भी राज्यपाल को पत्र भेजकर सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपील की है। उनका कहना है कि प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान केजीएमयू में अब तक एक ही वर्ग का प्रतिनिधित्व रहा है। जबकि संविधान सामाजिक न्याय और समान अवसर की बात करता है। पत्र में केजीएमयू में आरक्षित वर्ग के शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा भी उठाया गया है। बताया गया है कि आरक्षित वर्ग के 108 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन अब तक केवल 30 पदों पर ही नियुक्तियां हो सकी हैं।