फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रॉपर्टी डीलर को अगवा कर वसूली करने के आरोपी सिपाहियों की होगी बर्खास्तगी

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। मड़ियांव थाने में तैनात सिपाही अनिल सिंह और सुधीर सिंह के साथ मिलकर अवैध वसूली करने वाले तथाकथित पत्रकार शिवांशु मिश्रा को शनिवार को जेल भेज दिया गया। उधर दोनों सिपाहियों को इस मामले में निलंबित कर दिया गया है। वहीं एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने दोनों सिपाहियों को बर्खास्त करने की संस्तुति भी कर दी है।
विज्ञापन

एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक, रायपुर आईआईएम रोड निवासी प्रॉपर्टी डीलर अतुल सिंह का एसटीएफ का सिपाही बनकर अपहरण कर उगाही करने वाले मड़ियांव थाने के सिपाही सुधीर सिंह व अनिल सिंह और कथित पत्रकार शिवांशु मिश्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरोह के एक अन्य सदस्य आकाश सिंह उर्फ जगदीश लोधी की तलाश की जा रही है। इन लोगों ने पूछताछ में रुपये के लालच में धमकाकर धन उगाही करने की बात कुबूल की है। शिवांश के पास से लूट के 75 सौ रुपये, सिपाही सुधीर के पास से एक हजार रुपये और सिपाही अनिल के पास से दो हजार रुपये बरामद हुए हैं। जांच के आधार पर दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। वर्दी पर दाग लगाने वाले इन सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
एडीसीपी उत्तरी प्रार्ची सिंह के मुताबिक, जांच किए जाने पर अनिल सिंह और सुधीर सिंह की भूमिका उजागर हुई थी। दोनों ने पत्रकार शिवांशु के साथ मिलकर अतुल सिंह के अपहरण और फिरौती वसूलने की वारदात को अंजाम दिया था। एडीसीपी के अनुसार, अब उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जानी है। इसके लिए पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन

भिठौली क्रासिंग के पास से किया था प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण
प्रॉपर्टी डीलर अतुल सिंह आईआईएम रोड पर रहते हैं। उनका आरोप था कि 12 अप्रैल को वो पत्नी के यूपीएससी के फार्म को अपलोड कराने के लिए भिठौली तिराहे अपनी कार से आए थे। वहां पर कथित पत्रकार शिवांशु मिश्रा खड़ा था। अतुल सिंह ने बताया, उनके वहां से निकलने के कुछ ही देर बाद एक कार ने ओवरटेक कर उनकी कार रोक दी। कार से एक युवक निकला। खुद को एसटीएफ से बताकर कनपटी पर पिस्टल लगा दी। वो डर गए और उनकी गाड़ी में बैठ गए। युवक ने कहा कि तुमने साइन सिटी में कई लोगों को पैसा लगवाया है। अगर 5 लाख नहीं दोगे तो एनकाउंटर कर दूंगा। रुपये न होने की बात कहने पर जेब में रखे 19 हजार रुपए ले लिए और बाकी पैसा बाद में देने को कहा था। एसटीएफ से बताने वाले एक युवक के साथ जाकर उन्होंने एक जनसेवा केंद्र से 26 हजार रुपये निकालकर दिए। जो वहां लगे सीसीटीवी कैमरा में कैद भी हो गया। यह पूरी डील मड़ियांव थाना परिसर में होने से शक भी नहीं हुआ था।
अवैध वसूली में दोनों हो चुके हैं लाइन हाजिर
दोनों आरोपी सिपाहियों का इतिहास दागदार रहा है। दोनों की तैनाती विधानसभा चुनाव केपहले वजीरगंज थाने में थी। वहां भी दोनों ने एक प्रॉपर्टी डीलर से अवैध वसूली की थी। जिसकी जानकारी होने के बाद दोनों के खिलाफ जांच कराई गई। उनको लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद उनको मड़ियांव थाने में तैनात कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें