लखनऊ। पुलिस लाइन के अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को बर्खास्त कर दिया गया है। सुनील ने पुलिस लाइन के गणना प्रभारी, आरआई और अन्य अफसरों पर वसूली के आरोप लगाए थे। यह कार्रवाई विभागीय जांच में उन्हें दोषी पाए जाने के बाद की गई है।
लखनऊ पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, सात मई 2026 को सुनील ने वीडियो जारी किया था। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। समिति ने संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच समिति ने पाया कि सुनील ने वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध निराधार आरोप सार्वजनिक रूप से प्रसारित कर विभाग की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। बिना अनुमति सोशल मीडिया का उपयोग कर उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3, 6, 7 एवं 27 व उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम का उल्लंघन किया गया। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर सुनील के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
ड्यूटी के नाम पर वसूली का लगाया था आरोप
सुनील ने लगातार कई वीडियो जारी कर पुलिस लाइन के गणना प्रभारी और आरआई पर ड्यूटी के नाम पर प्रति जवान दो हजार रुपये वसूलने के आरोप लगाए थे। वीडियो से महकमे में हड़कंप मच गया था। सुनील मूलरूप से अमेठी के गौरीगंज के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी भी सिपाही हैं और रायबरेली में तैनात हैं।
बर्खास्तगी के बाद बोले सुनील...अधिकारियों से शिकवा नहीं
बर्खास्तगी के बाद सुनील ने एक और वीडियो जारी किया। कहा कि उन्हें पुलिस विभाग के अफसरों से गिला शिकवा नहीं है। मैंने पहले ही कहा था कि मेरा निलंबन होगा, बर्खास्तगी होगी। आने वाले समय में मुझ पर एफआईआर भी दर्ज होगी। मैं बताना चाहता हूं कि मैं ऐसा कोई कृत्य नहीं करूंगा, जिससे समाज के लोगों को दुखी होना पड़े। सुनील ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा।