अलीगंज में बन रहीं अवैध बिल्डिंग।
लखनऊ। बीते सोमवार को अलीगंज में जिस तरह की अवैध बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों को जान गई, वैसी ही कई और बड़ी बिल्डिंगें आसपास बनकर तैयार हो रही हैं। कुछ फिनिशिंग के स्तर पर हैं तो कुछ खुलने के स्तर पर। यह मानक के विपरीत होने के साथ ही आवासीय की जगह व्यावसायिक बनाई गईं हैं। ऐसे में हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर बिल्डिंगों की जांच कर सील करने का अभियान महज दिखावा भर है।
22 जून की घटना के बाद एलडीए ने करीब 150 बिल्डिंगों को सील किया है। इनमें वे बिल्डिंगें ज्यादा हैं, जिनमें किराये पर कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। हालांकि, जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसमें एनीमेशन सेंटर के अलावा पेट व कंप्यूटर की भी दुकान चलती थी। खास यह भी था कि बिल्डिंग का नक्शा आवासीय था और उसका उपयोग व्यावसायिक किया जा रहा था। सेट बैक छोड़ने जैसे जरूरी मानक भी पूरे नहीं थे। इसी तरह की तमाम बिल्डिंगें इस इलाके में हैं, जिनमें होटल-रेस्टोरेंट, बेकरी और अस्पताल चल रहे हैं, मगर इन पर एलडीए मेहरबान है, क्योंकि एलडीए इंजीनियरों की ही मिलीभगत से ये बनी हैं। ऐसे में वे इन्हें बचाने में लगे हैं।
केस-1 : अलीगंज सेक्टर-जे में एलडीए की ओर से ध्येय आईएएस कोचिंग तो सील की गई, मगर उसके पास बना रेस्टोरेंट और एक बहुमंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग छोड़ दिया गया। यह अब फिनिशिंंग के स्तर पर है और कुछ दिन में खुल जाएगी। इसका निर्माण भी एक मकान को तोड़कर मानकों के विपरीत किया गया है।
केस-2:
अलीगंज सेक्टर-के में एक फर्नीचर शोरूम के पास बिल्डिंग को एलडीए ने करीब तीन महीने पहले सील किया था, मगर इसमें काम चलता रहा। यह भी एक मकान को तोड़कर व्यावसायिक उपयोग के लिहाज से बनाई गई है। पार्किंग जैसे जरूरी मानक पूरे नहीं हैं।
केस- 3
: जहां पर आग लगी, उससे करीब 800 मीटर की दूरी पर पुरनिया चौराहे के पास मकान को तोड़कर बहुमंजिला बिल्डिंग खड़ी हो गई है। भू उपयोग के विपरीत बनी इस बिल्डिंग के निर्माण में पार्किंग भवन निर्माण उपविधि का पूरी तरह पालन नहीं हुआ है।
केस-4 : पुरनिया चौराहे के महालक्ष्मी स्वीट्स के ठीक सामने तीन मंजिला काॅम्प्लेक्स है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट सहित कई तरह के प्रतिष्ठान हैं। यहां भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। इसके अंदर बने किचन में सुबह से रात तक आग जलती है। पार्किंग भी नहीं है।
केस-5 :
केंद्रीय भवन के सामने वाली रोड पर अलीगंज सेक्टर-ई में चंद्रलोक कॉलोनी की ओर जाने वाली रोड के काॅर्नर पर मकान को तोड़कर काॅम्प्लेक्स बनाया गया है। इसमें न तो सुरक्षा मानकों को पालन किया गया है और न ही पार्किंग बनाई गई। बेसमेंट में दुकानें बनी हैं और नाले पर भी कब्जा है।
सीलिंग में चल रही सेटिंग
सुरक्षा अभियान के नाम पर चल रहे एलडीए के सीलिंग अभियान पर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कुछ बिल्डिंगों को छोड़ा जा रहा है। जानकारों ने बताया कि अलीगंज सेक्टर-के में एलडीए ने पप्पू स्टोर वाली बिल्डिंग में कोचिंग को तो सील कर दिया, मगर बेसमेंट में खुले रेस्टारेंट को अवैध होने के बाद भी छोड़ दिया। पास ही में रिच-रिच रेस्टोरेंट और श्याम स्वाद जैसे बड़े रेस्टोरेंटों पर भी कार्रवाई नहीं की गई, जबकि यहां पार्किंग की सुविधा नहीं है।
Iअवैध बिल्डिंगों पर कार्रवाई चल रही है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय और अग्निशमन के अधिकारी भी साथ में रहते हैं। कुछ जगहों पर सुरक्षा को लेकर संयुक्त टीम तत्काल सीलिंग करती है, जहां नोटिस देने की जरूरत होती है, वहां नोटिस दिया जाता है। जो भी इमारतें सुरक्षा मानकों के विपरीत हैं, उन पर कार्रवाई होगी।I
I- प्रथमेश कुमार, वीसी, एलडीएI
अलीगंज में बन रहीं अवैध बिल्डिंग।
अलीगंज में बन रहीं अवैध बिल्डिंग।