प्रदेश में पासपोर्ट के लिए पुलिस रिपोर्ट देने में अब थानों का यह बहाना नहीं चलेगा कि आवेदक जांच के दौरान मौके पर नहीं मिला या फॉर्म में बताए गए पते पर नहीं रहता है। पुलिस को अब मोबाइल एप से आवेदन का सत्यापन करके हाथोंहाथ पासपोर्ट कार्यालय को रिपोर्ट भेजनी होगी। इस नई व्यवस्था के लिए प्रदेश के गृह सचिव एवं क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी के बीच सहमति बन चुकी है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय ने पुलिस सत्यापन को आसान बनाने के लिए m-pasport police app बनाया है। इसे थानों में पुलिस कर्मियों के स्मार्टफोन पर अपलोड कर दिया जाएगा। पुलिसकर्मी आवेदक के घर जाकर स्मार्टफोन से सारे कागजात स्कैन करके आवेदक की फोटो खींचेगा।
इसके बाद आवेदक के डिजिटल हस्ताक्षर लेकर सारी जानकारी ऑनलाइन पासपोर्ट कार्यालय को भेजेगा। इससे सत्यापन की प्रक्रिया कम से कम समय में होगी और पुलिस कर्मी झूठी रिपोर्ट भी नहीं दे सकेंगे। इससे पुलिस सत्यापन चार दिन में पूरा हो जाएगा। गृह सचिव भगवान सहाय ने लखनऊ के थानों से इस नई व्यवस्था को लागू करने का आश्वासन दिया है।
वर्मा ने बताया कि फरवरी में एक सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें फर्जी तरीके से खाड़ी देशों में रोजगार मुहैया कराने का गोरखधंधा करने वालों पर चर्चा होगी। आवेदकों को जागरूक किया जाएगा, जिससे वे खुद फर्जी वीजा की पहचान कर सकें। सेमिनार में गृह विभाग, कस्टम, एनआरआई, एटीएस के अधिकारी शिरकत करेंगे।
15 जिलों में खुलेंगे डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र
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क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रालय दूसरे चरण में अमेठी, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, गाेंडा, जौनपुर, कुशीनगर, मऊ, सीतापुर, प्रतापगढ़, रायबरेली एवं उन्नाव में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने जा रहा है। इससे आवेदक जिले में पासपोर्ट बनवा सकेंगे। इसकी शुरुआत कुशीनगर से होगी। सुल्तानपुर में पहले चरण में ही डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलना प्रस्तावित है।
आसानी से बनेंगे छात्रों के पासपोर्ट
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा की लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी सिंह और एकेटीयू के कुलपति विनय पाठक से मुलाकात में छात्रों के लिए विशेष शिविर लगाने की सहमति बनी। शिविर में छात्रों को पासपोर्ट बनवाने के लिए जरूरी औपचारिकताओं के बारे में बताया जाएगा। ऐसे छात्रों को विश्वविद्यालय की ओर से जारी बोनाफाइड सर्टिफिकेट देना होगा। इनके पासपोर्ट शुक्रवार एवं शनिवार को बनाए जाएंगे।
वर्ष 2017 की उपलब्धि
5,76,800 पासपोर्ट बने
44,000 पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट जारी