नवनियुक्त डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने कहा है कि सिर्फ मित्र पुलिस नाम से काम नहीं चलेगा, पुलिस को जनता का मित्र बनना होगा। इसके लिए जिलों में तैनात अफसरों को ऑफिस से निकलकर फील्ड में जाना होगा और लोगों से संवाद स्थापित करना होगा। जो अधिकारी रिजल्ट देगा, उसी की तैनाती जिलों में रहेगी। ओपी सिंह बुधवार को अपने कार्यालय में मीडिया से मुखातिब थे।
डीजीपी ने कहा कि सभी पुलिस अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कई अफसर डीजीपी मुख्यालय से अटैच हैं, उन्हें अलग-अलग जिलों में भेजा जाएगा। इससे इन अधिकारियों की क्षमता का आंकलन हो सकेगा। वहीं फील्ड में कौन कैसा काम कर रहा है, इसकी भी परख हो सकेगी।
जिलों में तैनात अफसर जनता के लिए निर्धारित समय में ऑफिस में बैठेंगे। इसके बाद उन्हें फील्ड में निकल कर आम लोगों से संवाद स्थापित करना होगा। इससे न सिर्फ अपराध में कमी आएगी बल्कि मातहतों में भी अच्छा संदेश जाएगा। डीजीपी ने महिला सुरक्षा को और बेहतर किए जाने पर भी जोर दिया।