लखनऊ। नए वर्ष के पहले दिन पांच लाख लोगों के जाम में फंसने के बाद लगातार जिम्मेदारों पर गाज गिरने का क्रम जारी है। शनिवार को तीन चौकी प्रभारियों को लाइन हाजिर किया गया था। रविवार को एडीसीपी ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह और एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र कुमार शर्मा को हटाया गया है। एडीसीपी हाईकोर्ट सुरक्षा राघवेंद्र सिंह को एडीसीपी ट्रैफिक का प्रभार सौंपा गया है।
पुलिस आयुक्त ने एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र कुमार शर्मा को हटाकर अलीगंज का चार्ज सौंपा है। इनकी जगह शशि प्रकाश मिश्र को एसीपी ट्रैफिक बनाया गया है। एडीसीपी ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह को हाईकोर्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा था कि कहीं पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके लिए अफसरों को रणनीति बनाने के निर्देश भी दिए थे। समीक्षा बैठक के बाद चौकी प्रभारी सतखंडा, हुसैनाबाद और रूमी गेट को लाइन हाजिर किया गया था। टीआई चौक के खिलाफ डीसीपी ट्रैफिक को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी।
हजरतगंज पुलिस ने 71 तीन पहिया वाहन किए सीज
जाम लगने के बाद हुई किरकिरी के बाद हजरतगंज पुलिस सक्रिय हो गई है। रविवार को हजरतगंज इलाके में प्रतिबंधित मार्गों पर बिना वैध कागजात के वाहन चलाने पर 71 तीन पहिया वाहन सीज किए गए। 271 वाहनों के चालान भी किए गए। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक एक सघन चेकिंग टीम का गठन किया गया है। शनिवार को भी 43 तीन पहिया वाहन सीज किए गए थे।
नए-नए प्रयोग, जगह-जगह बैरिकेडिंग बनी जाम की वजह
यातायात सुगम बनाने के लिए लखनऊ पुलिस ने नए-नए प्रयोग किए हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है। हजरतगंज चौराहे, श्रीराम टॉवर, परिवर्तन चौक, निशातगंज, आईटी चौराहे व अन्य स्थानों पर यातायात में परिवर्तन किया गया है। नए साल पर बड़ी संख्या में बैरिकेेडिंग की गई थी। इसकी वजह से वाहनों के आवागमन में समस्या हुई। यही वजह रही कि लाखों लोगों को जाम से जूझना पड़ा।
सही हो रोड इंजीनियरिंग तो मिले राहत
शहर के कई इलाकों में रोड इंजीनियरिंग की खामियों के कारण भी आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने कई बार नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और एलडीए के अधिकारियों से इसे सही कराने के लिए पत्राचार किया। बावजूद इसके अभी तक रोड इंजीनियरिंग में सुधार नहीं हो सका है। मंडलायुक्त की बैठक में भी डीसीपी ट्रैफिक ने इस मुद्दे को उठाया था। मंडलायुक्त ने इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिले में ब्लैक स्पॉट की भरमार
राजधानी में ब्लैक स्पॉट भी जाम और हादसों का कारण बन रहे हैं। जिले में कुल 75 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जा चुके हैं। इन्हें सुधारने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। मंडलायुक्त ने 15 फरवरी तक इसे ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। लंबे समय से ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने की बात हो रही है, लेकिन इस दिशा में भी ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
हजरतगंज थाना परिसर में सीज गाड़ियां और रास्ते में चालान करती पुलिस टीम। - फोटो : अमर उजाला
हजरतगंज थाना परिसर में सीज गाड़ियां और रास्ते में चालान करती पुलिस टीम। - फोटो : अमर उजाला