सचिवालय का फर्जी गेट पास बनवाने के मामले में दोषी मुख्य स्वागताधिकारी उदयवीर सिंह राठौर और मुख्य व्यवस्थाधिकारी सुमन चौधरी के ठगों से संबंध खंगाले जाएंगे।
हजरतगंज पुलिस ने बताया कि फिलहाल तो दोनों अफसरों और पुस्तकालयाध्यक्ष कृष्णा सिंह के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए तीनों को नोटिस जारी करने की तैयारी हो रही है।
सचिवालय प्रशासन ने लंबी जांच के बाद बीते दिनों तीनों अफसरों को निलंबित कर दिया था। साथ ही मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार वर्मा की तरफ से हजरतगंज कोतवाली में तीनों के खिलाफ तहरीर भी दी थी।
पुलिस के मुताबिक तीनों अफसरों के नाम एफआईआर में शामिल करके छानबीन शुरू कर दी गई है। सबसे पहले ठगी के मुख्य आरोपी कुलदीप उर्फ भोलू और हेमंत तिवारी से उक्त अफसरों के संबंधों के बारे में छानबीन की जाएगी।
तीनों की इन ठगों से सीधे मुलाकात थी या फिर किसी बिचौलिए के जरिये अफसर और ठग संपर्क में थे? यह पता लगाया जाएगा।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि फर्जी गेट पास बनवाने में सचिवालय के कितने और अफसर शामिल हैं, किस अफसर की क्या भूमिका थी, अफसरों का ठगों से क्या संबंध है, गेट पास बनवाने में कितने और लोग शामिल हैं? इन सवालों का जवाब भी तीनों अफसरों से मांगा जाएगा।