दुराचार पर पुलिस के शर्मनाक बयान को लेकर डीजीपी एएल बनर्जी ने जांच के आदेश दिए हैं। सभी आईजी को जांच कर रिपोर्ट डीजीपी मुख्यालय को भेजने को कहा गया है। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में सूबे के ज्यादातर थाना प्रभारियों ने रेप की घटनाओं के लिए आधुनिक पहनावे और मोबाइल फोन को जिम्मेदार बताया था।
आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने सूचना के अधिकार के तहत विभिन्न जिलों में रेप की बढ़ती घटनाओं पर जानकारी मांगी थी। इसका ज्यादातर थाना प्रभारियों ने जवाब दिया कि इसके लिए महिलाओं के पहनावे, पाश्चात्य सभ्यता और मोबाइल फोन जिम्मेदार है। कुछ ने इसके लिए टीवी सीरियलों को वजह बताया तो कुछ ने विज्ञापनों को।
इसको लेकर सीनियर अफसर जोनों के आईजी के बचाव कर रहे हैं। इस बाबत पूछे जाने पर आईजी कानून-व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने कहा कि थाना स्तर से जो रिपोर्ट आईं, उन्हें आईजी या अन्य अधिकारियों ने नहीं देखा।
उन्होंने कहा कि अमूमन थाने से वांछित सूचना मंगा कर आवेदक को भेज दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में डीजीपी एएल बनर्जी ने सभी आईजी से जांच करने को कहा है कि थाना प्रभारियों ने इस तरह का बयान क्यों दिया।
डीजीपी आफिस से मांगी थी जानकारी
आरटीआई के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में कहा गया है ‘मोबाइल फोन, वेस्टर्न कल्चर का प्रभाव और महिलाओं के भड़काऊ कपड़े, उत्तर प्रदेश में रेप के केस बढ़ने के लिए प्रमुख वजहें हैं।
आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने आरटीआई के तहत ये जानकारी राजधानी के डीजीपी ऑफिस से मांगी थी।
इसमें उन्होंने राज्य के हर जिले में होने वाले दुष्कर्मों की संख्या, एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से इन्हें रोकने के उपाय, कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई और इन घटनाओं के पीछे वजह क्या हैं, इन सब पर जानकारी चाही थी।
ज्यादातर पुलिस स्टेशनों की तरफ से जो जवाब मिले वो गैरजिम्मेदाराना और चौंका देने वाले हैं। इन जवाबों में रेप को समाजिक समस्या और बदलते समाजिक परिवेश का नतीजा बताया गया।
खराब ड्रेसिंग सेंस से आती हैं गलत भावनाएं
उदाहरण के तौर पर फिरोजाबाद के नांगल खांगर पुलिस स्टेशन के मुताबिक महिलाओं के खराब ड्रेसिंग सेंस की वजह से पुरुषों के मन में उनके लिए गलत भावनाएं आ जाती हैं।
ऐसे ही जवाब इटावा और हापुड़ कोतवाली से भी मिले। मोरादाबाद के पखबारा पुलिस स्टेशन से जवाब मिला कि टीवी और अश्लील विज्ञापन रेप की घटनाओं को बढ़ावा देते हैं।
हालांकि रेप की बढ़ती घटनाओं में मोबाइल की भूमिका को लेकर ज्यादातर सभी अधिकारी एकमत दिखे। सबका मानना है कि मोबाइल का गलत इस्तेमाल सेक्सुअल क्राइम को बढ़ावा दे रहा है।
मेरठ के परतापपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का जवाब और भी चौंका देने वाला था। उनका मानना है कि लोगों को मोबाइल टेक्नोलॉजी के जरिए ज्यादा से ज्यादा चीजों के बारे में पता चल रहा है।
इससे खुराफाती दिमागों को ज्यादा जानकारी मिल रही है ये चीज कभी-कभी घातक साबित हो जाती है।
इटावा पुलिस का मानना है कि ‘लड़के-लड़कियों का ज्यादा घुलना-मिलना रेप की बढ़ती घटनाओं की वजह है’।
बहुत सारे पुलिस स्टेशनों का मानना है कि रेप की वजह बढ़ती जनसंख्या है वहीं कुछ का मानना है कि पश्चिमी सम्यता और समाजिक अलगाव सेक्सुअल क्राइम की प्रमुख वजह हैं।