बरामद हुई शराब की पेटियां।
- फोटो : amar ujala
वहीं, मौके पर पुलिस ने बोतल सील करने की मशीन, विभिन्न कंपनियों के रैपर आदि सामग्री भी बरामद की है। पुलिस ने जिस मकान में छापेमारी की उसके सामने शराब की एक दुकान है। बताया जा रहा है कि गोदाम में रखा माल रैपर बदलकर इसी दुकान से सप्लाई किया जा रहा था।
इधर सूचना मिलते ही एसपी आनंद कुलकर्णी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। एसपी ने बताया कि बरामद शराब की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक की है। यह शराब हरियाणा से लाकर यहां पर बेची जा रही है।
घर के तहखाने में रखी थीं शराब की बोतलें।
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मधवापुर में जिस दुकान से अवैध शराब की सप्लाई की जाने की बात कही जा रही है। वह दुकान हरदोई के अजगावन नीर नगर निवासी खुशीराम के नाम है। पुलिस इस दुकान को जांच के घेरे में ले रही है। माना जा रहा है कि गोदाम में नकली शराब तैयार करने के बाद इसी दुकान में लाकर रख दिया जाता था और उसे बेचा जाता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी।
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रामकोट के मधवापुर में जिस जगह पर पुलिस ने छापामारी की है। यहां पर अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। जानकारों का कहना है कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व रामकोट थानाध्यक्ष व आबकारी टीम ने इसी मकान पर छापेमारी की थी। उस दौरान मकान में शराब की लाइसेंसी दुकान संचालित हो रही थी। जिसमें अवैध शराब बेची जा रही थी। पुलिस ने भारी मात्रा में हरियाणा की अवैध शराब बरामद की थी। उस मामले में दो लोगों को जेल भी भेजा गया था।
शराब की बोतलें छिपाता पुलिसकर्मी।
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...जब सिपाही खुद ही शराब छिपाते व बचाते दिखे
बताते है कि पुलिस ने जब छापेमारी कर अवैध शराब बरामद की। तब कुछ पुलिस कर्मी पौआ व बोतलों को समेटते व छिपाते नजर आए। जिनको अधिकारी फटकार लगाते हुए बोतलें रखवाते नजर आए। पुलिस कर्मियों के हाथ से जब बोतलों को वापस रखवाया जा रहा था, तब उनके चेहरों पर मायूसी साफ नजर आ रही थी। पुलिस कर्मियों द्वारा बोतल उठाए जाने को लेकर अधिकारियों का कहना है कि पुलिस कर्मियों से बोतलों को उठवाकर रखवाया गया था।