नमस्ते इंडिया दूध के डीलर कुलदीप मिश्रा को गोली मारकर लूटकांड का खुलासा नाटकीय ढंग से हुआ। वारदात 13 अक्तूबर की है। फुटेज लेकर पूछताछ करते हुए पुलिस आरोपी अमर सिंह के घर पहुंच गई, जहां उसकी मां ने पहचान तो लिया, लेकिन वारदात में शामिल होने की बात पर अपहरण की झूठी कहानी सुनाने लगी। मामला भांपकर पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ी और रविवार को अमर व उसके साथी दीपक सिंह को मौदा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही लूटी रकम में से दस हजार नकद, तमंचा, बाइक व अन्य सामान बरामद किया।
जेसीपी कानून व व्यवस्था पीयूष मोर्डिया के मुताबिक, दोनों आरोपी कांशीराम कॉलोनी में रहते हैं। पारा के आदर्श विहार में वारदात हुई थी। इसके खुलासे के लिए पुलिस की टीम ने ढाई सौ सीसीटीवी कैमरे खंगाले और इलाके के 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की। पूछताछ व फुटेज की तस्दीक के दौरान पुलिस आरोपी अमर के घर पहुंच गई, जहां महिला गुलशन ने फोटो देखते ही बोली कि यह मेरा बेटा है। वारदात में शामिल होने की बात सुनते ही दीपक पर बेटे के अपहरण का आरोप लगाया। इसके बाद चीख-चीखकर रोने लगी। पुलिस दूसरे दिन जब आरोपी के घर पहुंची तो गुलशन नहीं थी। शक गहराने पर पुलिस ने छानबीन की और दोनों आरोपियों को रविवार को मौदा मोड़ से दबोच लिया।
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दुकान पर बैठकर करवाई रेकी
एसीपी अनिद्य विक्रम सिंह के मुताबिक, दीपक के पिता की सब्जी व अमर की मां की परचून की दुकान है। दोनों आरोपी अक्सर एक-दूसरे की दुकान पर मिलते थे। दीपक एक दुकान पर दूध के रुपये का तगादा करने जाता था। यह बात अमर व दीपक ने दोस्त हारुन को बताई। हारुन ने रंजीत के साथ मिलकर रेकी की और दीपक को बताया कि दो से तीन लाख की रोजाना की वसूली है। हारुन ने दीपक से कहा कि अमर के साथ मिलकर वारदात की जाए। उसने ही बाइक व तमंचा दिया था। लूट के बाद बैग व बाइक देने पहुंचे अमर व दीपक से हारुन ने आधी रकम व बाइक ले ली। फिर वापस भेज दिया।
सामने आई पुलिस की लापरवाही
लूटकांड में पारा पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। गोमतीनगर में कारोबारी के घर डकैती से पहले आठ नवंबर को सात डकैत गिरफ्तार किए गए थे। इसमें अमर व दीपक का साथी हारुन व रंजीत यादव भी था। पारा की टीम ने गोमतीनगर पुलिस से संपर्क कर आरोपियों से पूछताछ की होती तो उसी दिन वारदात का पर्दाफाश हो गया होता। हालांकि, इस संबंध में एसीपी काकोरी की माने तो दीपक व अमर से पूछताछ के बाद इसका खुलासा हुआ। अब पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी डालेगी।