लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिले की पुलिस कुछ ज्यादा ही सजग हो गई है। उसे मर चुके लोगों से भी शांतिभंग का खतरा महसूस होने लगा है।
लोनीकटरा थाना पुलिस ने सात साल पहले मर चुके एक शख्स से शांतिभंग की आशंका जताते हुए चालान भेज दिया। वहीं एसडीएम कोर्ट ने हाजिर न होने पर वारंट जारी कर दिया।
लोनीकटरा के मनोधरपुर ग्राम पंचायत में शांति पूर्ण मतदान के लिए थाना पुलिस ने 32 लोगों पर शांतिभंग की धारा में कार्रवाई की है।
इस सूची में सात साल पहले दिवंगत हो चुके रामकृशन पुत्र रामनरेश बारी का नाम भी शामिल कर दिया।
जीत के लिए मुर्दा करता है मारपीट
मृतक रामकृशन के अलावा एक साल से बिस्तर पर पड़े तुलसीराम से भी चुनाव के दौरान पुलिस ने शांतिभंग होने का खतरा बता दिया।
एसडीएम कोर्ट को भेजी गई चालानी रिपोर्ट में कहा गया कि आरक्षी दारासिंह के अनुसार मनोधरपुर में भ्रमण के दौरान जानकारी मिली।
जानकारी के अनुसार ये लोकसभा चुनाव में अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए ये काफी सक्रिय हैं। ये छोटी-छोटी बात के लिए मरने-मारने पर आमदा हैं।
रामकृशन से किसी भी समय शांति व्यवस्था बाधित हो सकती है। ग्राम प्रधान ननकऊ सैनी ने बताया कि एसडीएम कोर्ट से जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिवारीजन काफी परेशान हैं।
मृतकों के वारंट पर ये दी सफाई
एसडीएम कोर्ट को भेजी गई सूची में से बीमार समेत 28 लोगों ने अपनी जमानत करा ली है।
जबकि मृतक व तीन अन्य के विरुद्ध कोर्ट नें 31 मार्च को वारंट जारी कर कोर्ट में पेश करने का आदेश पुलिस को दिया है।
इस पर लोनीकटरा के थानाध्यक्ष का कहना है कि थाना क्षेत्र के मनोधरपुर ग्राम पंचायत में रामकृशन की मौत की जानकारी पुलिस को पहले से ही है।
शांति भंग की धारा में उसके भाई के खिलाफ कार्रवाई की गई है, दोनों का नाम एक जैसा होने से यह त्रुटि हो गई। जानकारी होने पर सुधार कर लिया गया है।