लखनऊ। न्यायाधीश को ईमेल भेजने के मामले की जांच में जुटी पुलिस कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा आरोपी बंदी सहित जेल अस्पताल के अन्य बंदियों से भी पूछताछ की गई है।
जिला जेल में बंद 3500 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी अनुभव मित्तल से पुलिस ने जेल पहुंचकर जेल अधिकारियों की निगरानी में करीब दो घंटे तक पूछताछ की। जांच का दायरा बढ़ाते हुए विवेचक ने आरोपी बंदी से जेल के अन्य बंदियों से विवाद के बारे में भी जानकारी ली। इसके बाद बंदी आनंदेश्वर के भी बयान दर्ज किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आनंदेश्वर ने अनुभव मित्तल के आरोपों को खारिज कर दिया। पुलिस ने कोर्ट परिसर में कांस्टेबल अजय से मोबाइल फोन लेने के समय का फुटेज मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा है। फुटेज मिलते ही पुलिस उसे जांच में शामिल करेगी। इसके अलावा साइबर सेल की मदद से भी तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
एसीपी गोसाईंगंज ऋषभ यादव के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। जेल में बंद अन्य बंदी आनंदेश्वर को फंसाने के लिए आरोपी अनुभव मित्तल ने पेशी के दौरान कांस्टेबल अजय कुमार के फोन से इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश को ईमेल भेजा था। इसमें उसने लिखा था कि लखनऊ बेंच के एक जज की हत्या होने वाली है। ईमेल मिलते ही जेल प्रशासन अलर्ट हो गया था। जांच में अनुभव मित्तल की करतूत का खुलासा हुआ था।