ग्रामीणों से पूछताछ में महिला की बात सही निकली। इस बीच प्रधान सहित दर्जनों ग्रामीण थाने पहुंच गए। छानबीन के बाद पुलिस ने गुमटी से बरामद स्मैक को माल खाने में जमा कराया और कागजी कार्रवाई के बाद महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के मुताबिक, सूचना देने वाले का मोबाइल बंद है। तलाश में दबिश दी जा रही है। वहीं, पीड़िता ने महिला आयोग और पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की है।
महिला ने लगाया बदसुलूकी और थाने में पीटने का आरोप
बृहस्पतिवार देर रात रेनू मोहनलालगंज के सांसद प्रतिनिधि को साथ लेकर वन स्टॉप सेंटर पहुंची और शिकायती पत्र दिया। आरोप लगाया कि पुलिस ने थाने में बदसुलूकी की। शाम तक बैठाए रखा और पुरुष कांस्टेबल ने उसकी पिटाई की।
प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र प्रताप कुशवाहा के मुताबिक, मौके पर पहुंची पुलिस की टीम में महिला सिपाही भी थी। महिला से पूछताछ के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई है। वहां एक महिला सिपाही मौजूद थी। मारपीट का आरोप निराधार है और बदसलूकी नहीं की गई है। जांच में जब यह पुष्ट हो गया कि महिला का स्मैक तस्करी से कोई सरोकार नहीं है तो कागजी कार्रवाई पूरी कर ससुर व अन्य परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया। उनसे सुपुर्दगीनामा भी लिया गया है।
मेडिकल में पीटे जाने की बात सामने आई, थाने को भेजी शिकायत
बृहस्पतिवार रात गांव वाले महिला को लेकर आए थे। मेडिकल की जरूरत पर उसे एडमिट कराया गया। इसमें उसे पीटे जाने की पुष्टि हुई है। शुक्रवार सुबह महिला ने लिखित शिकायत दी, उसे केस दर्ज कराना है। हमने गोसाईंगंज थाने को ऑनलाइन शिकायत भेज दी है। एसएचओ को सूचित भी कर दिया है कि कार्रवाई करें। हम पुलिस के खिलाफ नहीं, लेकिन पुरुष कॉन्स्टेबल महिला को छू भी नहीं सकते। - अर्चना सिंह, प्रभारी, वन स्टॉप सेंटर