गोरखपुर से शुक्रवार देर रात लखनऊ के चली रोडवेज बस (यूपी 33 टी 4654) में संदिग्ध हालात में बैग मिलने से अफरातफरी मच गई। यह बैग बस्ती बस अड्डे पर पुलिस की छापेमारी में मिला था।
पुलिस ने बैग की तलाशी ली तो बैग से करीब सात किलो सोने-चांदी के जेवर मिले। शनिवार को बस जब कैसरबाग बस अड्डे पहुंची तो इंचार्ज प्रमोद त्रिपाठी ने मामला दर्ज किया। परिवहन निगम के एमडी ने चालक मो. सईद व परिचालक सतीश चंद्र की पुलिसिया जांच के आदेश दिए हैं।
परिवहन निगम अधिकारियों के मुताबिक, कैसरबाग बस डिपो की बस शुक्रवार रात गोरखपुर से लखनऊ आ रही थी। चालक व परिचालक ने बताया कि गोरखपुर से चलकर बस जब बस्ती बस अड्डे पर रुकी तो यात्री चाय-पानी के लिए उतर गए।
लौटे तो पता चला कि बस से पुलिस को संदिग्ध बैग मिला है, जिसकी जांच चल रही है। इसे लेकर पुलिस ने यात्रियों से पूछताछ भी की, लेकिन किसी ने भी बैग पर अधिकार नहीं जताया। इसके बाद पुलिस ने बैग खोला तो उसमें सात किलो सोने-चांदी के जेवर मिले।
वहीं, जब बस शनिवार को कैसरबाग बस अड्डे पर पहुंची तो मामले की जानकारी के बाद डिपो पर अफरातफरी मच गई। पुलिस का मानना है कि ज्वैलरी नेपाल के रास्ते गोरखपुर पहुंची, जहां से तस्करी कर लखनऊ लाई जा रही थी।
पर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई की। उधर, परिवहन निगम एमडी पी गुरु प्रसाद ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। कैसरबाग डिपो के एआरएम से चालक व परिचालक का ब्यौरा मांगा है।