अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े बढ़ाने में जुटी सरोजनीनगर पुलिस को जिंदा और मुर्दा का भी ध्यान नहीं रहा। लापरवाह पुलिस ने तीन साल पहले मर चुके बदमाश आलमबाग के सरदारीखेड़ा निवासी राजू जायसवाल (35) पर गैंगस्टर लगा दिया। मामला खुला तो अधिकारी शर्मसार हो गए।
इस बारे में इंस्पेक्टर धर्मेश शाही से सवाल किया गया तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। इंस्पेक्टर का कहना है कि राजू मिलावटी शराब की बिक्री का धंधा करता है और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, जिस मामले में गैंगस्टर लगाया गया है, उसकी विवेचना के दौरान राजू का नाम निकाल दिया गया था।
यह नाम गैंगस्टर की संस्तुति वाले दस्तावेजों में कैसे चला गया? इस बारे में जानकारी नहीं है। सरोजनीनगर पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले मिलावटी शराब की बिक्री के आरोपी आठ लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी।
इसमें चंद्रशेखर आजादनगर कॉलोनी दरोगाखेड़ा के शंकरलाल यादव, बिहार के औरैया मुजफ्फरपुर में रहने वाले अजय शाह, आजादनगर के अनिल कुमार वर्मा, ट्रांसपोर्टनगर निवासी बृजेंद्र कुमार दुबे उर्फ गुड्डू, आलमबाग के सरदारीखेड़ा में रहने वाले राशिद बेग, बाजारखाला के मालवीयनगर ऐशबाग निवासी रघुवीर उर्फ कर्नल, अंबेडकरनगर के पहाड़पुर टांडा निवासी मंगलेश और सरदारीखेड़ा के राजू जायसवाल शामिल थे।
पुलिस का कहना था कि गिरोह का सरगना शकंरलाल यादव है। कुछ महीने पहले एसटीएफ ने डीसीएम ट्रक में लाई जा रही 305 पेटी अंग्रेजी शराब सहित गैंग के सदस्यों को पकड़ा था।
हालांकि, पकड़े गए बदमाशों में राजू शामिल नहीं था। इंस्पेक्टर का कहना है कि राजू जायसवाल का नाम उस वक्त बदमाशों से हुई पूछताछ में सामने आया था। विवेचना में उसकी भूमिका नहीं पाई गई और नाम हटा दिया गया था।