डालीगंज इक्का स्टैंड उपकेंद्र इलाके स्थित हसनगंज थाने पर 3.59 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है। थाने एवं कॉलोनी में अंधाधुंध बिजली जला रहे हैं, लेकिन बिल भरना तो दूर, सत्यापन को पहुंचे बिजली कर्मियों से दीवान से लेकर कोतवाल तक ठीक से बात भी नहीं करते। बिना सत्यापन के पेमेंट अधर में फंसा है।
केस- दो
राजभवन खंड के कैंट थानांतर्गत स्थित सदर पुलिस चौकी पर 82,897 रुपये का बिजली बिल बकाया है। जबकि चौकी में खाता नंबर 7667481000 से कनेक्शन है। इलाकाई इंजीनियर इस बिल का भुगतान कराने के लिए दो महीने से पुलिस विभाग के कार्यालय में भटक रहे हैं, पर कोई सुनने वाला नहीं है।
ये तो महज उदाहरण मात्र है। राजधानी के 41 थाना-कोतवाली एवं 127 पुलिस चौकियों पर छह करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। इसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे इलाकाई इंजीनियरों को उच्च अधिकारियों की खरीखोटी सुननी पड़ रही है।
एक अफसर ने बताया कि अधिकतर पुलिस थानों एवं कॉलोनियों में मीटर नहीं लगे हैं। इसके कारण जाड़े में मनमाने तरीके से हीटर एवं गर्मी में पुलिस चौकी से लेकर कोतवाल के कक्ष तक एसी चालू हो जाते हैं। बिजली उपभोग के लोड की गणना करना भी जांच के बिना संभव नहीं।