मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने अंबेडकरनगर चौराहे के पास नशीले पदार्थ के एक तस्कर को दबोच लिया। पर चरस का पैकेट बरामद करने में पुलिस के पसीने छूट गए।
बाइक का पुर्जा-पुर्जा तक खंगाल डाला। कपड़े और जूते-मोजे तक तीन-तीन बार उतरवाकर देख लिया। आखिर में हेलमेट के भीतर काली पन्नी में छुपाकर रखी 450 ग्राम चरस मिल गई।
खास बात है कि नशीले पदार्थ का यह तस्कर पहले भी लगभग 25 बार पकड़ा जा चुका है पर माल बरामद न हो पाने की वजह से हर बार पुलिस की गिरफ्त से बचकर निकलता रहा।
एसओ गोमतीनगर धीरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि पकड़े गए तस्कर का नाम सचिन सक्सेना है। वह लखीमपुर खीरी में पलिया नई बस्ती ढाकिन का मूल निवासी है।
पूछताछ में उसने बताया कि वह लखीमपुर खीरी से ही चरस का पैकेट खरीदकर लाता है और यहां बेच देता था। पिछले कई साल से वह नशीले पदार्थ की तस्कारी में लिप्त है।
एक पैकेट पर पांच हजार का मुनाफा
हेलमेट में छुपा रखा था चरस
- फोटो : amar ujala
एसओ गोमतीनगर धीरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि सचिन को आधे किलो का एक पैकेट अपने ग्राहकों को बेचने पर पांच हजार रुपये का मुनाफा होता था।
लखीमपुर खीरी में बड़े एजेंटों से उसे चरस का एक पैकेट 15 हजार रुपये का मिलता था, जिसे वह लखनऊ में 20 हजार रुपये में अपने ग्राहकों को बेच देता था।
पान की गुमटियों पर भी होती थी सप्लाई
सचिन सक्सेना ने यहां पर अपने लगभग 500 से अधिक ग्राहकों की चेन तैयार कर रखी थी। 50 ग्राम से लेकर आधे-किलो व एक किलो तक का चरस का पैकेट की डिलीवरी करता था। इसमें से अधिकतर पान की गुमटी वाले हैं।
अब ग्राहकों पर भी पुलिस कसेगी शिकंजा
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पता चला कि हुक्का बार, डिस्कोथेक और बड़े रेस्टोरेंट के इर्द-गिर्द के पान दुकानदार इसमें शामिल हैं। पुलिस सचिन सक्सेना के ग्राहकों को भी गिरफ्तार करने की तैयारी में है।
बड़े नेटवर्क का होगा भंडाफोड़
सचिन सक्सेना को पकड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले दरोगा राजू सिंह ने बताया कि पूछताछ में प्रदेश में नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह के बारे में भी जानकारी मिली है।
इस गिरोह के सदस्य नशीले पदार्थों की थोक में सप्लाई करते हैं। बाराबंकी समेत प्रदेश के सभी जिलों में उनका जाल फैला है। पुलिस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने की तैयारी में है।