छापेमारी में बरामद किए गए कागजात
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पांच साल से चल रहे फर्जी बोर्ड का पूरा मामला एक छात्र की शिकायत के बाद सामने आया। एएसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि फर्जी बोर्ड का खेल पासपोर्ट ऑफिस ने पकड़ा था जिसके बाद एक छात्र ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
दरअसल जौनपुर के शाहगंज निवासी एक छात्र ने उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद से संबद्ध वहीं के एक संस्थान में परीक्षा दी थी। उक्त छात्र ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया, जिसमें अपने अंकपत्र व प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए। पासपोर्ट ऑफिस ने जांच में छात्र के अंकपत्र व प्रमाणपत्र फर्जी पाते हुए उसका आवेदन निरस्त कर दिया। छात्र जौनपुर स्थित संस्थान गया और फर्जीवाड़े की शिकायत की। वहां उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद छात्र ने शाहगंज कोतवाली में फर्जी बोर्ड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एसटीएफ ने इस मामले को संज्ञान में लिया और पासपोर्ट ऑफिस पहुंचकर छानबीन शुरू की तो ऐसे कई केस सामने आए। इसके बाद छानबीन शुरू की गई।
एएसपी के मुताबिक, प्रबंधक सभी स्टडी सेंटर व संबद्ध संस्थानों से छात्र-छात्राओं का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराता था। एक साल बाद परीक्षा की औपचारिकता पूरी करके उन्हें अंकपत्र व प्रमाणपत्र दे दिए जाते थे। छात्र-छात्राओं के अंकपत्र व प्रमाणपत्र वेबसाइट पर ही अपलोड कर दिए जाते थे। छात्र-छात्राएं वेबसाइट से अंकपत्र व प्रमाणपत्र डाउनलोड कर लेते थे।
यहां चल रहा था फर्जीवाड़ा
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एएसपी ने बताया कि बोर्ड संचालकों के बैंक अकाउंट का पता लगाया जा रहा है। सोमवार को सभी बैंक अकाउंट सीज कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल चार हजार से अधिक छात्रों से ठगी की जानकारी सामने आई है। अन्य राज्यों में खुले स्टडी सेंटर में और भी छात्र ठगी का शिकार हो सकते हैं।
यह सामान हुआ बरामद
31340 रुपये नकद, एक कंप्यूटर, चार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकपत्र व प्रमाणपत्र, छह पैनकार्ड, नौ एटीएम कार्ड, एचडीएफसी बैंक की एक चेकबुक, आठ मोबाइल फोन, चार ड्राइविंग लाइसेंस, नौ मुहरें, वोडाफोन के 10 सिमकार्ड, एक एसयूवी और फर्जी बोर्ड से संबंधित तमाम कागजात।
इनकी हुई गिरफ्तारी
आजमगढ़ के बरहद रवनिया निवासी व यहां फरीदीनगर मानस तिराहा के पास रहने वाले राजमन गौड़ व उसका भाई जितेंद्र गौड़, बस्ती के हर्रइया भदावल निवासी कनिकराम शर्मा व उसका भाई सुनील शर्मा, गोरखपुर के बेलीपार बेलीपथ भरवल निवासी नीरज शाही, आजमगढ़ के बरहद खर्गीपुर में रहने वाला राधेश्याम प्रजापति और फरीदीनगर के मानस तिराहा रहेजा हाउस का नीरज प्रताप सिंह।