आजम खां और अमित शाह पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पुलिस का कहना है कि सीडी की फोरेंसिक जांच के आते ही हम एक्शन लेंगे।
भाजपा महासचिव अमित शाह और सपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री आजम खां धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान देने के आरोपी हैं।
आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार दोनों नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। उनके भाषणों की सीडी फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है।
आईजी ने कहा कि फोरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद ही उनकी गिरफ्तारी को लेकर कोई फैसला हो सकेगा। भाषणों की सीडी की जांच कब तक पूरी हो जाएगी, इसका उन्होंने जवाब नहीं दिया।
फोरेंसिक जांच पर जवाब नहीं
फोरेंसिक जांच कहां कराई जा रही है, आईजी ने इसका भी जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए यह गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है कि जांच कहां हो रही है।
दोनों नेताओं के खिलाफ शनिवार 12 अप्रैल को संबंधित जिलों (रामपुर, गाजियाबाद, शामली, बिजनौर और मुजफ्फरनगर) के थानों में कुल सात मुकदमे दर्ज हुए थे।
इनमें से सपा नेता आजम खां के खिलाफ तीन व भाजपा नेता अमित शाह के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हुए थे।
शाह के खिलाफ मुजफ्फरनगर की नई मंडी कोतवाली और ककरौली थाने में धर्म-जाति के आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश करने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
यहां इन पर दर्ज हुए मुकदमे
अमित शाह के खिलाफ बिजनौर कोतवाली और शामली के आदर्श मंडी थाने में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। आजम के खिलाफ रामपुर कोतवाली, शामली के थाना भवन और गाजियाबाद के मसूरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
उल्लेखनीय है, भड़काऊ भाषण देने के आरोप में ही सहारनपुर से कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद के खिलाफ देवबंद थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
उन्हें 29 मार्च को गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में तीन अप्रैल को उन्हें जमानत मिल गई।
इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के कुछ दिन बाद ही गिरफ्तारी की कार्रवाई हो गई थी।
मसूद की भी हुई थी गिरफ्तारी
आईजी से जब पूछा गया कि मसूद के मामले में आनन-फानन गिरफ्तारी कर ली गई पर आजम व शाह के मामले में देरी क्यों, तो उन्होंने कहा कि मसूद के मामले में भी सीडी की फोरेंसिक जांच के बाद ही गिरफ्तारी की गई।
यह बात और है कि अभी तक किसी भी अधिकारी ने इस बात को औपचारिक तौर पर नहीं बताया कि मसूद के मामले में भड़काऊ बयान की सीडी की फोरेंसिक जांच कराई गई है।
गौरतलब है कि आजम खान ने कई बार ऐसे बयान दिये जो कि व्यक्तिगत आक्षेप और भावनाओं के भड़काने के दायरे में आते हैं।
आजम ने मोदी पर भी टिप्पणी कर उन्हें कुत्ते का बच्चा कहा था, जिस पर मोदी ने एक टीवी कार्यक्रम में जवाब दिया था कि वफादारी में कुत्ते का कोई जवाब नहीं होता।