लखनऊ के घंटाघर पर प्रदर्शन का चेहरा रही उज़्मा परवीन और शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना के घर के बाहर देर रात से पुलिस ने डेरा डाल दिया है। सरकार की नीतियों के खिलाफ दोनों महिलाएं मुख्यमंत्री आवास के बाहर ताली और थाली पीट कर अपना विरोध जताना चाहती है। सुमैया राना ने प्रशासन पर नज़रबंद करने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना और धरने की मशहूर प्रदर्शनकारी महिला उज़्मा परवीन के घर के बाहर देर रात से पुलिस ने डेरा डाल दिया है। पुलिस की यह सख्ती सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के किये गए आह्वान को देखते हुए की गई है। दरअसल सरकार की नीतियों और उनके पूर्व में किये गए वादों को याद दिलाने के लिए मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना ने प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है।
सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही देर रात से पुलिस ने दोनों आयोजकों के घर के बाहर डेरा डाल दिया है। पुलिस ने उज़्मा परवीन को प्रदर्शन न करने को लेकर नोटिस भी जारी किया है। सुमैया राना ने बताया कि बीती रात से ही दर्जनों पुलिसवाले उनके घर के बाहर तैनात कर दिये गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अपार्टमेंट की तलाशी ली गई। उनके गॉर्ड और ड्राइवर के घरों तक कि तलाशी ली गई। सुमैया ने कहा कि बीजेपी ने ताली थाली पिटवाई थी और कहा था कि 21 दिन में कोरोना खत्म हो जाएगा। लेकिन हम अब ताली थाली इसलिए पीटने जा रहे है क्योंकि हमारे पास खाली थाली जिसमे भोजन के नाम पर रोटी भी नहीं बची है।
बता दें कि सुमैया राना और उज़्मा परवीन ने मंगलवार दोपहर को मुख्यमंत्री आवास के बाहर ताली और थाली पीटने का लोगों से आह्वान किया था वहीं प्रदर्शन से पहले ही भारी पुलिस बल दोनों आयोजकों के घर के बाहर तैनात करदिया गया है। उज़्मा परवीन ने कहा कि वह सरकार की नीतियों के खिलाफ और जनता के हक के लिए सरकार का ध्यान केंद्रित करना चाहती है लेकिन उनके घर के बाहर 40 पुलिस वाले तैनात कर उनको नज़रबंद करदिया गया है। वहीं पुलिस ने प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए हज़रतगंज के आसपास भारी पुलिस बल लगा दिया है।