एसीपी साइबर क्राइम सेल विवेक रंजन के मुताबिक, दुमका निवासी रूपक मंडल और उसके साथियों पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, राजनंदगांव औैर महासमुंद में मुकदमे दर्ज हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने यहां संपर्क किया था। पुलिस ने रूपक मंडल और उसके साथियों के पास से सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें कुछ पीडीएफ फाइल मिली थीं।
इन फाइलों में एसबीआई के खाताधारकों के मोबाइल नंबर, अकाउंट नंबर, ई-मेल आईडी व अन्य डिटेल हैं। रूपक मंडल के अनुसार, गिरोह के सरगना राजेश, सुमन और प्रमोद ही बैंक कर्मियों की मदद से यह डाटा हासिल करते थे।
जिसके बाद गिरोह के सदस्य लोगों को झांसे में फंसाते थे। पुलिस जालसाजों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की तैयारी कर चुकी है। फरार आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कराए जाएंगे।
एसीपी विवेक रंजन के मुताबिक, साइबर जालसाजों ने दो साल के अंदर काली कमाई से दो मंजिलों से अधिक पक्के मकान खड़े कर लिए। करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले नौ ठगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही जालसाजी कर अर्जित की गई संपत्ति को भी जब्त किया जायेगा। एसीपी विवेक रंजन ने बताया कि ठगों के मोबाइल फोन से मिले खाताधारकों की डिटेल कोर्ट को सौंपी गई है। वहीं, फरार राजेश, सुमन और प्रमोद समेत 11 लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।