गाजियाबाद का बाइकर्स गैंग लखनऊ में लूट कर रहा था। गिरोह के सरगना सहित पांच बदमाश शनिवार रात सीतापुर रोड पर अलीगंज पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बदमाशों की पहचान आरिफ, आजिम, फैजान उर्फ कल्लन, इमरान और रेहान के रूप में हुई। पुलिस का दावा है कि बदमाशों ने राजधानी में 60 वारदातों को अंजाम दिया। इसमें महानगर थानाक्षेत्र के वायरलेस चौराहे पर हुई प्रॉपर्टी डीलर से पांच लाख की लूट भी शामिल है।
विज्ञापन
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि बदमाशों के पास से दस मोबाइल, दो बाइक, रोडवेज का टिकट और 1.45 लाख रुपये बरामद किए गए। इसमें 1.10 लाख रुपये महानगर के वायरलेस चौराहे से प्रॉपर्टी डीलर से लूटी रकम का हिस्सा है। गिरोह का सरगना आरिफ खदरा में किराए के मकान में रहकर गिरोह चलाता था। सरगना तीन से चार महीने में मकान भी बदल देता था।
एसएसपी के मुताबिक , सरगना के अलावा अजीम व इमरान हाईस्पीड बाइक चलाते हैं। आरिफ बदमाशों को शिया पीजी कॉलेज के गेट पर बुलाता था। टारगेट तय करने के बाद गैंग दो टुकड़ियों में बंट जाता था। एक दिन में गिरोह दो से तीन वारदात अंजाम देता था।
विज्ञापन
गाजियाबाद व दिल्ली में बेचते थे सामान
- फोटो : amar ujala
एसएसपी के मुताबिक, लूट का सामान बदमाश तत्काल गमछा, बैग या पॉलिथीन में छिपा देते थे। ताकि लोगों को संदेह न हो। इसके बाद गिरोह के कुछ बदमाश लूटे गए सामान को लेकर गाजियाबाद व दिल्ली निकल जाते थे। लूट के सामान को बेचने से मिली रकम से नशा व महंगे शौक पूरा करते थे। जबकि 20 प्रतिशत रकम थाने व कोर्ट कचहरी के लिए बचाकर रखते थे।
दिल्ली से शुरू की थी लूट
एसओ अलीगंज जय शंकर सिंह ने बताया कि सरगना ने दिल्ली से लूट करनी शुरू की। वहां पकड़ा गया तो गाजियाबाद में गिरोह बनाकर वारदात करने लगा। यहां हकीकत खुली तो भाग कर लखनऊ आ गया। यहां 12-14 बदमाशों का गिरोह बना लिया था।
दिल्ली से शुरू की थी लूट
एसओ अलीगंज जयशंकर सिंह ने बताया कि सरगना ने दिल्ली से लूट करनी शुरू की थी। वह पकड़ा गया तो गाजियाबाद में गिरोह बनाकर वारदात करने लगा। यहां हकीकत खुली तो भागकर लखनऊ आ गया। यहां 12-14 बदमाशों का गिरोह बना लिया था।
सिर्फ 22 वारदात का ही खुलासा
सीओ अलीगंज डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि गिरोह ने राजधानी से लेकर गाजियाबाद तक 160 वारदात को अंजाम दिया है। इसमें राजधानी के विभिन्न थानाक्षेत्रों में 60 और गाजियाबाद व आसपास के जिलों में 80 के अलावा दिल्ली की 20 वारदात शामिल हैं। अलीगंज पुलिस ने राजधानी में 22 मामलों के खुलासे का दावा किया है।
महंगे क्लबों में करते थे पार्टी
बरामद किया गया लूट का सामान
एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार के मुताबिक राजधानी में ताबड़तोड़ 60 लूट करने वाले लुटेरों की उम्र 22 से 26 साल के बीच है। सभी ने पढ़ाई आधी-अधूरी छोड़कर अपराध की दुनिया में कदम रखा। ये सिर्फ अपने महंगे शौक के लिए ही लूट करते थे।
लूट में मिले नगदी को कुछ ही दिनों में वह महंगे कपड़ों, जूतों और मोबाइलों की खरीद करते। हर रोज महंगे क्लबों में पार्टी करते। इसी लाइफ स्टाइल के कारण राजधानी के कुछ रसूखदार लोगों में भी पैठ बन गई थी। पुलिस के मुताबिक लूट के लिए वं अक्सर शाम के समय निकलते थे। इसके अलावा त्योहारों के समय या भीड़भाड़ वाले मार्केट को टारगेट कर लूट को अंजाम देते थे।
लोनी पुलिस से मिला था सुराग
एएसपी ने बताया कि वारदातों का खुलासा आसान नहीं था। इस गैंग ने महानगर थानाक्षेत्र में मई के महीने में प्रॉपर्टी डीलर से पांच लाख रुपए की लूट की वारदात की थी। इसमें भी सफेद अपाचे का प्रयोग किया था। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में कोई खास सुराग नहीं मिला।
दो-तीन दिन पहले गाजियाबाद के लोनी पुलिस ने इस गैंग के कुछ लोगों को दबोच लिया। वहां गैंग के एक गुर्गे ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने लखनऊ में 10 लाख रुपये से अधिक की लूट की थी। लोनी पुलिस ने लखनऊ पुलिस से संपर्क किया तो महानगर के वायरलेस चौराहे पर लूट की वारदात की जानकारी हुई।
हिंदू देवी-देवताओं के लिए करता था अपशब्दों का इस्तेमाल
- फोटो : amar ujala
अलीगंज पुलिस के हत्थे चढ़ा गाजियाबाद बाइकर्स गैंग का सरगना आरिफ सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करता था। इसका खुलासा, आरोपियों के गिरफ्तारी के बाद हुआ। बकौल पुलिस, सरगना के मोबाइल पर मिले सोशल साइट पर किसी प्रकार की अभद्र टिप्पणी नहीं मिली है। मोबाइल के पुराने रिकार्ड रिकवरी केलिए भेजा गया है।
एसओ अलीगंज जयशंकर सिंह ने बताया कि सरगना आरिफ के सोशल मीडिया पर बने अकाउंट के जरिए हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपशब्दों के इस्तेमाल करने की सूचना मिली। उसके मोबाइल को खंगाला गया, लेकिन कुछ खास नहीं मिला।
हालांकि आरिफ ने कुबूला कि उसकी आईडी हैक कर यह काम हैकर ने किया था। एसओ के मुताबिक, मोबाइल फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। अगर बैकअप रिकवरी में इसके साक्ष्य मिलेंगे तो आईटी एक्ट और धार्मिक उन्माद फैलाने का केस दर्ज किया जाएगा।
एसओ अलीगंज जयशंकर सिंह ने बताय कि लुटेरों के पास काफी महंगी बाइक हैं। पुलिस के हाथ दो अपाचे बाइक लगी। सरगना आरिफ, आजिम और इमरान बाइक चलाने में एक्सपर्ट हैं। तीनों को तेज रफ्तार में वारदात कर मौके से फरार हो जाते थे। तीनों को अक्सर राजधानी के खाली सड़कों पर स्टंट का अभ्यास भी करते थे। ताकि वारदात केबाद भागने में दिक्कत न हो।
दिल्ली व गाजियाबाद में सामान खरीदने वालों की तलाश
एएसपी के मुताबिक लुटेरों के पास एक साथ 10-12 मोबाइल व भारी मात्रा में जेवरात इकट्ठा होने के बाद आरिफ गाजियाबाद व दिल्ली के चोर बाजार में बेचने के लिए निकल जाता। पुलिस के मुताबिक जेवरात गाजियाबाद के कुछ चिह्नित ज्वेलर्स को बेचता था। जिसकी रकम पहले से ही तय होती थी। वहीं मोबाइल व अन्य कीमती गैजेट दिल्ली के चोर बाजार में। पुलिस दोनों स्थानों पर लूट का सामान खरीदने वाले कारोबारी केबारे में जानकारी जुटा रही है। जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस टीम ने दबोचा
एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह का खुलासा करने में एसओ अलीगंज जय शंकर सिंह, एसएसआई नंद किशोर, एसआई नेपाल सिंह, रमेश चंद्र यादव, कांस्टेबल मिथिलेश गिरी, राहुल पोसवाल, दीपक वालियान, टीजी सर्विलांस टीम से एसआई रतन लाल कन्नौजिया, हेड कांस्टेबल योगेंद्र कुमार और कांस्टेबल रामनरेश कन्नौजिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।