कॉलोनी में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
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जहरीली गैस की चपेट में आकर एक ही परिवार के तीन-चार लोग प्रभावित हुए हैं। इसमें कई ट्रॉमा सेंटर व निजी अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करवा रहे हैं। अर्शी की बहन सना, सुमबुल हैं। वहीं आयशा के परिवार से रफत, साइना भी भर्ती है। परिवारीजनों ने बताया कि समय रहते ही मरीजों को अस्पताल न पहुंचाया गया तो कई लोगों की जान तक चली जाती।
ये हैं भर्ती
कॉलोनी के महबूब रहमान की पत्नी अर्शी(35), मो. जावेद की पत्नी रफत जहां (40), अब्दुल रशीद की बेटी आयशा (25), मो. नसीम की बेटी सना (25), मो. बकील के बेटे मो. इस्माइल (25), मो. नदीम के बेटे हुजाला (8), बेटी स्मिथ (5), हिफजुल रहमान के बेटे हाजिक रहमान (8), बेटी हामिया रहमान(3), शमसुद्दीन के बेटे मोइनुद्दीन (6)को ट्रॉमा सेंटर व मो. नसीम की बेटी सुमबुल नसीम(14), हिफजुल रहमान की पत्नी गुलिस्ता(25), अब्दुल मुजिम की पत्नी साइना फातिमा (30)को केजीएमयू के गांधीवार्ड में भर्ती किया गया है।
सांस लेना हो रहा था मुश्किल
फातिमा कॉलोनी में रहने वाली गुलशन बेगम को शाम पांच बजे घर में गैस की गंध महसूस हुई। उन्होंने अपने किचन का जायजा लिया। इस दौरान गैस की गंध बढ़ती जा रही थी। सांस लेना मुश्किल होते देख जल्दी से पानी पीकर घर से निकलीं। गली में अफरातफरी मची थी। बेटे अरबाज ने उन्हें आननफानन में पास के अस्पताल में ले जाकर इलाज कराया। इनके अलावा नौशाद के बेटे अफान, जावेद, सुजात, परवेज समेत र्कई लोगों की हालत बिगड़ी।