प्रधानमंत्री कार्यालय ने उप्र के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर देवी-देवताओं की तस्वीरें और धार्मिक चिह्न कपड़ों और तंबाकू, बीड़ी, गुटखा, माचिस आदि के पैकेटों पर छपने से रोकने के लिए उचित कदम उठाने को कहा है।
पीएमओ ने यह निर्देश प्रदेश के जालौन के एक साधु राधानाथ महाराज द्वारा उसे भेजे गए प्रार्थना पत्र के आधार पर दिए हैं। जिसमें कहा गया था कि धार्मिक व्यक्तित्वों की तस्वीरें इन वस्तुओं पर छपने से सम्मान को क्षति पहुंचती है।
इस बारे में राधानाथ महाराज ने बताया कि भारतीयों के लिए धर्म का बड़ा महत्व है। लेकिन कपड़ों और तंबाकू, माचिस, बीड़ी, गुटखा आदि के पैकेटों व पाउच पर देवी-देवताओं की तस्वीरें बनाई जा रही हैं।
धर्मों के चिह्न बनाए जा रहे हैं। लेकिन उपयोग के बाद कई बार इन चीजों को सड़क पर फेंक दिया जाता है। ये खाली पैकेट पैर के नीचे आते हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर इंडोनेशिया जैसा मुस्लिम राष्ट्र अपने यहां 20 हजार के नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर लगाकर उन्हें ज्ञान के देवता के तौर पर सम्मानित कर चुका है वहीं हमारे यहां कचरा हो जाने वाली वस्तुओं पर इन्हें छापा जा रहा है।
उन्होंने यह पत्र फरवरी 2014 में पीएमओ, राष्ट्रपति और यूपी में सीएमओ को लिखा था। इस पर पीएमओ से मुख्य सचिव को पत्र जारी किया गया है।
पत्र की कॉपी उन्हें भी भेजी गई, जिसे साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पत्र फरवरी की तारीख में तैयार किया गया, लेकिन पीएमओ से इसे भेजने की तारीख पर 11 जून को सेक्शन ऑफिसर के हस्ताक्षर किए गए हैं।
मूलत: जालौन के रहने वाले राधानाथ महाराज ने बताया कि वे 1996 से इसे रोकने के लिए प्रयासरत हैं।
वे डॉ. शंकर दयाल शर्मा से लेकर केआर नारायणन, एपीजे अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटील और प्रणव मुखर्जी जैसे तमाम राष्ट्रपतियों को लिख चुके हैं।
वहीं जनप्रतिनिधियों और पुलिस से भी निवेदन कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा है कि इस संबंध में उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद मामले को देखा जाएगा।