पीएम ने आगे कहा, आज इस पावन अवसर पर जगमगाते हुए इन लाखों दीयों की रोशनी में देशवासियों को एक और बात याद दिलाना चाहता हूं। रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने कहा है कि भगवान राम पूरे विश्व को प्रकाश देने वाले हैं। वो पूरे विश्व के लिए एक ज्योतिपुंज की तरह हैं। ये प्रकाश दया और करुणा का प्रकाश है। ये प्रकाश है मानवता और मर्यादा का। ये प्रकाश है समभाव और ममभाव का। ये प्रकाश है सबके साथ का। ये प्रकाश है सबको साथ लेकर चलने का। मुझे याद है बरसों पहले लड़कपन में गुजराती में दीपक पर एक कविता लिखी थी जिसका शीर्षक था दिया। उसकी कुछ लाइनें याद आ रही हैं। मैंने लिखा था, दिया आशा भी देता है और दिया ऊष्मा भी देता है। दिया आग भी देता है और दिया आराम भी देता है। उगते सूरज को तो हर कोई पूजता है, लेकिन दिया अंधेरी शाम में भी साथ देता है। दिया स्वंय जलता है और अंधेरे को भी जलाता है। दिया मनुष्य के मन में समर्पण का भाव लाता है। हम स्वयं जलते हैं, स्वयं तपते हैं, स्वयं खपते हैं लेकिन जब सिद्धि का प्रकाश पैदा होता है तो हम उसे निष्काम भाव से पूरे संसार के लिए बिखेर देते हैं। जब हम स्वार्थ से ऊपर उठकर परमार्थ की यात्रा करते हैं तब हम सर्वसमावेश का संकल्प अपने आप समाहित हो जाता है। जब हमारे संकल्पों की सिद्धि होती है तो हम कहते हैं कि ये सिद्धि मेरे लिए नहीं है ये मानव कल्याण के लिए है। दीप से दीपावली तक यही भारत का दर्शन है, यही चिंतन है, यही भारत की चिरंतन संस्कृति है।
मुश्किलों में भी दीप जलाना नहीं छोड़ा
पीएम ने आगे कहा, मध्यकाल और आधुनिक काल तक भारत ने कितने अंधकार भरे युगों का सामना किया। जिन झंझावतों में बड़ी सभ्यताओं के सूर्य अस्त हो गए, उनमें हमारे दीपक जलते रहे, प्रकाश देते रहे। फिर उन तूफानों को शांत कर उदीप्त हो उठे। क्योंकि हमने दीप जलाना नहीं छोड़ा, हमने विश्वास बढ़ाना नहीं छोड़ा। बहुत समय नहीं हुआ, जब कोरोना के हमलों के बीच इसी भाव से हर एक भारतवासी एक-एक दीपक लेकर खड़ा हो गया था और आज कोरोना के खिलाफ युद्ध में भारत कितनी ताकत से लड़ रहा है ये दुनिया देख रही है। ये प्रमाण है कि अंधकार के हर युग में भारत ने प्रगति के प्रशस्ति पत्र पर अपने पराक्रम का प्रकाश अतीत में भी बिखेरा है, भविष्य में भी बिखेरेगा। जब प्रकाश हमारे कर्मों का साक्षी बनता है तो अंधकार का अंत अपने आप सुनिश्चित हो जाता है। जब दीपक हमारे कर्मों का साक्षी बनता है तो नई सुबह, नई शुरुआत का आत्मविश्वास सुदृढ़ हो जाता है।