प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत लखनऊ में 131 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे लाइट हाउस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर में रहने वाले गरीब हों या मध्यम वर्ग, इन सबका सबसे बड़ा सपना होता है, अपना घर। वो घर जिसमें उनकी खुशियां, सुख-दुख, बच्चों की परवरिश जुड़ी होती हैं। लेकिन बीते वर्षों में लोगों का अपने घर को लेकर भरोसा टूटता जा रहा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश का फोकस गरीब और मध्यम वर्ग की जरूरतों पर है। अब देश ने शहर में रहने वाले लोगों की संवेदनाओं और उनकी भावनाओं को प्राथमिकता दी है।
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लाइट हाउस प्रोजेक्ट के शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम आवास योजना (शहरी) पुरस्कार 2019 की घोषणा की। योजना के सर्वश्रेष्ठ क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश को पहला पुरस्कार दिया गया।
सर्वश्रेष्ठ राज्य
1- उत्तर प्रदेश
2- मध्य प्रदेश
3- आंध्र प्रदेश
मील का पत्थर साबित होगा 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट' : योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार का 'अपना घर' का सपना साकार करने के लिए सतत प्रयासरत है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज नवीनतम तकनीक आधारित 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट' की आधारशिला रखी गई, यह तकनीक समय की मांग है। यह सौभाग्य है कि नवीनतम तकनीक आधारित इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश का भी चयन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से 'सबके लिए आवास' का सपना जरूर पूरा होगा।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजनान्तर्गत लखनऊ के अवध विहार योजना में शहरी गरीबों के लिए 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट' के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 17 लाख 58 हजार परिवारों के 'अपना घर' का सपना साकार हुआ है, इनमें करीब 10.58 लाख आवास निर्माणाधीन हैं, जबकि शेष पूर्ण हो चुके हैं। यह क्रम सतत जारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शहरी गरीबों को टिकाऊ और आपदारोधी आवास उपलब्ध कराने में उत्तर प्रदेश सरकार को सफलता मिली है और इस दिशा में 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट' मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के छह राज्यों में ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज- इंडिया (जीएचटीसी- इंडिया) के तहत हल्के मकान से जुड़ी परियोजनाओं (लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स) की शुक्रवार को आधारशिला रखी। एलएचपी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का चयन मॉडल के रूप में किया गया है। इसके तहत, राजधानी लखनऊ के अवध बिहार योजना में 131 करोड़ की लागत से लाइट हाउस प्रोजेक्ट (एलएचपी) का निर्माण किया जाना है। इन भवनों के निर्माण में 'स्टे इन प्लेस फॉर्म वर्क' तकनीक का प्रयोग किया गया है। यह भवन अधिक टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और आपदा रोधी होंगे। योजनान्तर्गत प्रायोगिक तौर पर यूपी में करीब 1040 लोगों के लिए भवन बनने प्रस्तावित हैं। प्रत्येक आवास का कारपेट एरिया 34.5 वर्ग मीटर होगा। एक वर्ष के भीतर यह परियोजना पूरी हो जाएगी।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के अलावा, एलएचपी का निर्माण इंदौर (मध्य प्रदेश), राजकोट (गुजरात), चेन्नई (तमिलनाडु), रांची (झारखंड), अगरतला (त्रिपुरा) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक स्थान पर संबद्ध बुनियादी ढांचा सुविधाओं के साथ लगभग 1,000 मकानों को शामिल किया गया है। ये परियोजनाएं पारंपरिक तौर पर ईंट एवं कंक्रीट वाले निर्माण के मुकाबले कहीं तेजी से यानी महज बारह महीने में पूरी हो जाएंगी। हल्के मकानों की यह परियोजनाएं कई प्रकार की तकनीकों का प्रदर्शन करती हैं। इनमें इंदौर के एलएचपी में प्रीफैब्रिकेटेड सैंडविच पैनल सिस्टम, राजकोट के एलएचपी में टनल फॉर्मवर्क का उपयोग करते हुए मोनोलिथिक कंक्रीट कंस्ट्रक्शन, चेन्नई की परियोजना में प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम, रांची के एलएचपी में 3डी वॉल्यूमेट्रिक प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम, अगरतला की परियोजना में लाइट गेज स्टील इन्फिल पैनलों के साथ ढांचागत स्टील फ्रेम और लखनऊ के एलएचपी में पीवीसी स्टे इन प्लेस फॉर्मवर्क सिस्टम शामिल हैं।
वर्चुअल विधि से हुए इस कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार) के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। इस दौरान अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलेरेटर्स- इंडिया (एएसएचए- इंडिया) के तहत विजेताओं की भी घोषणा भी की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री एनएवीएआरआईटीआईएच (न्यू, अफोर्डेबल, वैलिडेटेड, रिसर्च इनोवेशन टेक्नोलॉजिज फॉर इंडियन हाउसिंग) नाम से नवोन्मेषी निर्माण प्रौद्योगिकी पर एक सर्टिफिकेट कोर्स और जीएचटीसी- इंडिया के जरिये पहचान किए गए 54 नवोन्मेषी आवास निर्माण प्रौद्योगिकी के एक संग्रह का विमोचन भी हुआ।