फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक दिन में लखनऊ में ये सब कर सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

विज्ञापन
विज्ञापन
22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यूपी दौरे में 2017 के विधानसभा चुनाव के एजेंडे का संकेत मिलेगा। वह राजधानी में अंबेडकर महासभा के कार्यालय जाकर वहां रखे बाबा साहब के अस्थिकलश का दर्शन करके दलित हितैषी चेहरे को और तराशने की कोशिश करेंगे।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लेकर सूखा और ओलावृष्टि पर दिए गए धन के सहारे किसानों को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने की कोशिश करते भी दिख सकते हैं। साथ ही 2017 के लिए सपा सरकार के यूपी में पांच साल और केंद्र की एनडीए सरकार के ढाई साल का मुद्दा सेट करने की कोशिश कर सकते हैं।

मोदी का पहला कार्यक्रम बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह है। इसलिए वहां तो उनका भाषण शिक्षा व्यवस्था पर ही केंद्रित रहने की उम्मीद है।
विज्ञापन


पर, काल्विन कॉलेज में ई- रिक्शा वितरण कार्यक्रम के बहाने वह या उनके साथ मौजूद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह केंद्र सरकार के अच्छे कामों का उल्लेख कर सकते हैं।

वह यह भी संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं कि यूपी सरकार भले ही केंद्र पर असहयोग का आरोप लगाए, आए दिन पत्र लिखकर असहयोग का संदेश देने की कोशिश करे लेकिन केंद्र सरकार यूपी से भाजपा व गठबंधन के 73 सांसदों की जीत को भूली नहीं है।

भाजपा कार्यालय का भी दीदार करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को राजधानी दौरे में भाजपा के प्रदेश कार्यालय का भी दीदार करेंगे। बाहर से ही सही लेकिन कार्यालय के सामने से गुजरते हुए निश्चित रूप से उनकी नजर नए लुक में तैयार हो रहे पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर पड़ेगी।

दरअसल, काल्विन ताल्लुकेदार्स कॉलेज के कार्यक्रम के बाद मोदी को विधान भवन के सामने स्थित अंबेडकर महासभा कार्यालय में आना है। भाजपा कार्यालय ठीक अंबेडकर महासभा कार्यालय से पहले उसी मार्ग पर स्थित है जिससे मोदी गुजरेंगे।

वैसे तो मोदी के तय कार्यक्रम में भाजपा कार्यालय जाना नहीं है। पर, पार्टी के भीतर इस लिहाज से तैयारी रखने का निश्चय हुआ है कि प्रधानमंत्री अगर अचानक कार्यालय आ जाएं तो उनकी अगवानी में कोई कसर न रहे।

इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी आज काल्विन ताल्लुकेदार्स कॉलेज पहुंचे। उन्होंने वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनजर चल रही तैयारियों का जायजा लिया।

अयोध्या के मुद्दे पर ये बात कर सकते हैं मोदी

प्रतीकों के सहारे सियासत करने में माहिर मोदी अयोध्या से जनकपुरी को जोड़ने वाले राम-जानकी मार्ग के निर्माण की चर्चा इस दौरे में कर सकते हैं। यह मार्ग छावनी (बस्ती) से नेपाल बॉर्डर स्थित जयनगर को जोड़ रहा है।

लखनऊ-बहराइच मार्ग, पूर्वांचल में 50 हजार करोड़ से सड़क निर्माण, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर बाईपास, गोरखपुर से सोनौली व गोरखपुर-देवरिया व बलिया मार्ग के निर्माण का हवाला देकर केंद्र के एजेंडे में यूपी के विकास की चिंता का संदेश भी लोगों को दे सकते हैं।

ई-रिक्शा के सहारे वह या राजनाथ यह समझाने की कोशिश कर सकते हैं कि केंद्र के एजेंडे में गरीबों को रोजगार की चिंता सबसे ऊपर है और इस सिलसिले में काम भी हो रहा है। मेट्रो के विस्तार में सहयोग और लखनऊ की आउटर रिंग रोड का उल्लेख भी हो सकता है।

इस बात का जिक्र भी संभव है कि यूपीए सरकार ने दस साल के शासन में यूपी को एक सैनिक स्कूल दिया। पर, मौजूदा सरकार ने डेढ़ साल के शासन में ही यूपी को तीन सैनिक स्कूल दे दिए। यूपी की 101 नदियों को जोड़ने और अराजपत्रित पदों के लिए साक्षात्कार समाप्त करने जैसे फैसले भी इस दौरे में चर्चा का मुद्दा हो सकते हैं
विज्ञापन

किसानों के लिए भी बड़ी खुशखबरी देंगे मोदी

किसी न किसी बहाने प्रधानमंत्री यह बताने की कोशिश कर सकते हैं कि सूखा और ओला पीड़ित किसानों के लिए केंद्र ने 4100 करोड़ रुपये की सहायता दी। सूखा पीड़ितों के लिए लगभग 2801 करोड़ और ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों के लिए लगभग 1304 करोड़ रुपये यूपी को दिलाए। एक वित्तीय वर्ष में इससे पहले यूपी को कभी केंद्र से इतनी सहायता इस मद में नहीं मिली।

प्रधानमंत्री यह भी बता सकते हैं कि केंद्र ने किसानों की फसल बीमा का लाभ 50 प्रतिशत नुकसान के बजाय 33 प्रतिशत नुकसान पर देने का प्रावधान करके किसानों को राहत दी।

वह यूरिया को नीम कोटेड करने के फैसले का उल्लेख करके यह समझाने की कोशिश कर सकते हैं कि केंद्र के इसी फैसले के चलते किसानों को यूरिया की उपलब्धता आसान हुई।

किसानों को दी जाने वाली यूरिया सस्ती होने के कारण चमड़ा और ग्लू (चिपकाने वाला लोशन) बनाने वाली फैक्ट्रियां इसे खरीद लेती थीं लेकिन नीम कोटेड होने की वजह से यूरिया का अब इस काम में उपयोग नहीं हो सकेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें