प्रधानमंत्री के निर्देशों पर अमल की मुख्य सचिव के स्तर पर नियमित समीक्षा होती है। सितंबर की समीक्षा में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। राजमार्ग निर्माण से जुड़े कई मामलों में लंबे अर्से से राजस्व विभाग और एनएचएआई अलग-अलग तथ्य दे रहे हैं। अफसरों ने इन्हें एक साथ बैठाकर इस पर चर्चा की जरूरत नहीं समझी।
सात सितंबर की बैठक में मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग को एनएचएआई के अफसरों के साथ बैठक कर तथ्यात्मक रिपोर्ट रखने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री प्रदेश में शिशु मृत्यु दर की भी नियमित समीक्षा करते हैं।
खुलासा हुआ कि मई 2016 से इससे जुड़ी सूचनाएं ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने उपलब्ध नहीं कराईं। मुख्य सचिव ने नियमित अपडेटेड सूचना उपलब्ध कराने को कहा है।