लखनऊ। रामनगर योजना में वर्ष 2004 में एलडीए ने आवंटियों को प्लॉट तो दे दिए, मगर उन पर अब तक कब्जा नहीं दे सका है। 21 साल से आवंटी खाली हाथ हैं। आवंटियों की जमीन पर अवैध झुग्गियां बस गईं हैं और सभी संबंधित लोग प्राधिकरण के चक्कर काट रहे हैं।
मंगलवार को एलडीए सभागार में मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में आयोजित नागरिक सुविधा दिवस में व्यापारी नेता हरिश्चंद्र अग्रवाल ने यह मुद्दा उठाया। हरिश्चंद्र ने बताया कि रामनगर योजना में 80 प्लॉट निकाले गए थे, जिनमें से 60 का आवंटन हुआ।
इसमें उनकी बेटी और रिश्तेदारों को भी प्लॉट मिले। जब कब्जा लेने पहुंचे तो पाया कि जमीन पर अवैध झुग्गियों का कब्जा है। 21 साल बाद भी न कब्जा मिला, न सुनवाई हो रही है। मामले में मंडलायुक्त ने एलडीए को कार्रवाई के निर्देश दिए।
बसंतकुंज में पैसे लिए, न रजिस्ट्री न कब्जा
बसंतपुर आवास कल्याण समिति के अध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि बसंतकुंज सेक्टर ए योजना में पैसा जमा करने के बावजूद ना तो रजिस्ट्री हो रही है, ना ही कब्जा मिला है।
किसानों को न चबूतरा, न मुआवजा
सीतापुर रोड और अलीगंज विस्तार योजना के लिए 45 साल पहले 1800 किसानों से जमीन ली गई थी। आपसी सहमति से मुआवजा और व्यावसायिक चबूतरा देने की बात हुई थी, लेकिन आज भी कई किसानों को कोई लाभ नहीं मिला। भाकियू अवध के प्रदेश मंत्री जगदीश सिंह लोधी ने मंडलायुक्त को बताया कि 1400 फार्म आवंटित हुए, 829 पात्र, 290 अपात्र घोषित किए गए और 305 आवेदन गायब हैं।
वेंडिंग जोन शुल्क जमा नहीं, विक्रेता हटाए जा रहे
कैसरबाग निवासी रामदयाल पाल ने शिकायत की कि वेंडिंग जोन संख्या 8 और 1 के विक्रेताओं का शुल्क अब तक जमा नहीं हो सका है, जिससे उन्हें वेंडिंग जोन से हटाया जा रहा है।
93 में 17 मामलों का मौके पर निस्तारण
नागरिक सुविधा दिवस में कुल 93 शिकायतें मिलीं, जिनमें एलडीए से 59, नगर निगम से 23, लेसा से 5, जलकल से 6 मामले जुड़े थे। 17 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, बाकी को संबंधित विभागों को भेजा गया है।