लखनऊ। आपके पास हॉकी खेलने का जुनून हो तो बाकी सब ग्राउंड में ट्रेनिंग के दौरान मिलेगा। यहां बात हो रही है चंद्रभानु गुप्त मैदान में चलने वाली बाबू सोसाइटी की, जहां गरीब खिलाड़ियों को हॉकी किट से लेकर आर्थिक मदद तक दी जाती है। सोसाइटी 31 सालों से चंदे के पैसों से अंडर-14 केडी सिंह बाबू ऑल इंडिया हॉकी टूर्नामेंट करवा रही है, जहां जूनियर वर्ल्ड कप में हीरो बनकर उभरे शारदानंद तिवारी जैसे खिलाड़ियों की पौध तैयार हो रही है।
भुवनेश्वर में चल रही जूनियर विश्व कप हॉकी में भाग ले रही भारतीय टीम में शामिल पांच खिलाड़ियों उत्तम सिंह (करमपुर- लखनऊ साई सेंटर), राहुल राजभर (करमपुर- लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज), विष्णुकांत (अटगांवा- लखनऊ साई सेंटर), प्रशांत चौहान (वाराणसी- लखनऊ हॉस्टल) ने कभी न कभी अंडर-14 केडी सिंह बाबू हॉकी में भाग लिया है। इनके अलावा तमाम अन्य खिलाड़ियों को तैयार करने वाले इस टूर्नामेंट को अभी तक हॉकी इंडिया के कैलेंडर में शामिल नहीं किया जा सका है। बाबू सोसाइटी के सचिव एवं हॉकी ओलंपियनसैयद अली बताते हैं कि 31 साल तक बाबू हॉकी अंडर-14 आयुवर्ग का एकमात्र टूर्नामेंट है, जिसमें खेलकर तमाम खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर छाए। बावजूद इसके टूर्नामेंट को हॉकी इंडिया के कैलेंडर में शामिल न करना निराशाजनक है।
डेढ़ साल से एक भी कोच नहीं
लॉकडाउन के समय चंद्रभानु गुप्त खेल मैदान में साई ने अपना हॉकी कोच हटा लिया था। इसके बाद से किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। वर्ष 2006 के बाद पहला मौका है जब मैदान में ट्रेनिंग करने वाले खिलाड़ी के पास कोई साई का प्रशिक्षक नहीं है। ऐसे में हॉकी सोसाइटी के जुड़े पूर्व हॉकी खिलाड़ी मैदान में जाकर खिलाड़ियों को टिप्स देते हैं।