नगर के रंगमंच पर एक बार फिर सूबे के मुख्यमंत्री को मंच पर
उतारने की तैयारी की है।
मायावती के बाद अब सीएम अखिलेश यादव मंच पर
उतरेंगे और सूबे में महिला हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों से
चर्चा करते और निर्देश देते नजर आएंगे।
सच्ची घटनाओं को नाटकों के जरिये
मंच पर लाने वाले युवा रंगकर्मी मुकेश वर्मा ने एक बार फिर अपने मंचन में
सीएम को ढाला है। इससे पहले वे अपने विवादास्पद मंचन ‘माई सैंडिल’ में
मायावती के किरदार को मंच पर उतार चुके हैं।
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रंगमंडल की ओर से 11 नवंबर को एक प्रेक्षागृह में होने वाले मंचन ‘चुप्पी
तोड़ो खुलकर बोलो...’ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का किरदार मंच पर दिखाई
देगा।
मंचन का निर्देशन कर रहे मुकेश वर्मा ने बताया कि लगभग 80 मिनट से
अधिक अवधि का यह नाटक आगरा में छेड़छाड़ पर घटी एक घटना पर आधारित है।
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जहां
ऑटो में छेड़छाड़ के बाद घर में शिकायत करने पर युवती के परिजन ही उसे
मामला दबाने के लिए धमकाते हैं और जब लड़की पुलिस के पास जाती है तो उसे
थाने से भी भगा दिया जाता है।
ऐसे में खुदकुशी करने जा रही युवती बाद में
वीमेन पावर लाइन 1090 की मदद लेती है।
मंचन के दौरान ही 1090 की संक्षिप्त
कार्यशैली भी दिखाए जाने की तैयारी है जबकि अधिकारियों को निर्देश देते,
चर्चा करते और क्रांतिकारी कदम उठाते सीएम भी दिखेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश
यादव का ये किरदार रवि निभा रहे हैं। मंचन की रिहर्सल जारी है।
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