प्यार, मोहब्बत का चक्कर। दो शादियों के बाद उन्हें बचाने का जुगाड़।
कुछ
ऐसा ही दिखा गोमतीनगर संत गाडगे प्रेक्षागृह में रविवार शाम मंचित हास्य
नाटक ‘दो फूल एक माली’ में। नाटक का निर्देशन संजय देगुलरकर का रहा।
कहानी
शुरू होती है मुंबइया माधव से, जिसने इश्क के चक्कर में पड़कर दो शादियां
की और अब जुगाड़ के सहारे किसी तरह दोनों पत्नियों से बनाकर चल रहा है।
अचानक एक रात वो गायब हो जाता है। जब दोनों पत्नियां परेशान होकर थानों में
एक ही नाम के शख्स को ढूंढने के लिए फोन घुमाती हैं तो शुरू होता है माधव
के लिए अपनी दूसरी शादी को छिपाने का खेल।
एक मुकाम पर आकर दोनों पत्नियां
माधव को भी सबक सिखाने की ठानती है।
माधव के किरदार में अंबरीश को लोगों ने
सराहा। नाटक का मंचन दर्पण संस्था की ओर से किया गया।