राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के दौरान प्लास्टिक और पॉलिथीन से बनी प्रचार सामग्री के उपयोग पर पाबंदी लगा दी है। आयोग ने नए सिरे से आचार संहिता तैयार करते हुए चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों पर सख्ती की है तो अफसरों पर भी शिकंजा कसने का प्रयास किया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त सतीश कुमार अग्रवाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा प्रचार सामग्री में प्लास्टिक और पॉलिथीन के पोस्टर बैनर के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। किसी अन्य राजनीतिक दल या उम्मीदवार और उनके समर्थक का पुतला लेकर चलने, उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर जलाने और इस प्रकार का अन्य कृत्य करने पर भी पाबंदी रहेगी।
सभा रैली या जुलूस का आयोजन इस प्रकार किया जाएगा ताकि उससे यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पहले सार्वजनिक सभा, चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च सहित किसी भी धार्मिक स्थल पर चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा।
जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर वोट की अपील नहीं की जा सकेगी। चुनावी सभा और रैलियों के लिए स्कूल, कॉलेज परिसर का उपयोग नहीं होगा। कोई भी उम्मीदवार अपनी मूर्ति या देवी देवताओं की मूर्तियों के चित्रण से युक्त डायरी-कैलेंडर या स्टीकर का वितरण नहीं कर सकेगा।