चुनावों में झूमकर वोटिंग करने वाले मतदाता वर्ग को साधने के लिए योगी सरकार खजाना खोलने की तैयारी कर रही है। लघु व सीमांत किसानों के साथ असंगठित श्रमिकों व आशा बहुओं को चुनावी सौगात दी जा सकती है। इससे 23 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में 5 करोड़ लोगों को साधने की तैयारी है।
विभिन्न विभागों से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग वर्ष 2021-22 के अनुपूरक बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देने में जुटी है। इसमें लघु व सीमांत किसानों को राज्य सरकार की ओर से 2 हजार रुपये की एक किस्त देने पर सहमति है। दो-दो हजार रुपये की तीन किस्त केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देती है। राज्य सरकार की योजना से किसानों को तीन के बजाय दो-दो हजार की चार किस्तें मिल सकेंगी। प्रदेश में करीब 2.42 करोड़ किसानों को पीएम सम्मान निधि मिलती है।
इसी तरह प्रदेश सरकार असंगठित श्रमिकों को भी वर्ष में दो हजार रुपये दिए जा सकते हैं। इसे 500-500 रुपये की चार किस्त में दिया जाए या अन्य किसी प्रारूप में, इस पर चर्चा जारी है। हालांकि, श्रमिक व किसान यदि दोनों श्रेणी में आता है तो उसे किसी एक का ही लाभ मिलेगा। अब तक 2.45 करोड़ असंगठित श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, लेकिन लक्ष्य छह करोड़ रजिस्ट्रेशन का है।
आशा बहुओं को भी चुनावी सौगात की तैयारी
आशा बहुओं के भत्ते में 500 रुपये से 750 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। प्रदेश में करीब 2.20 लाख आशा बहू हैं। इनके अलावा बजट की कमी से समाज कल्याण की छात्रवृत्ति से छूट रहे विद्यार्थियों के लिए आवश्यक बजट की भी व्यवस्था की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इन प्रस्तावों पर उच्च स्तर पर विचार-विमर्श हो चुका है। अंतिम निर्णय 16 दिसंबर को अनुपूरक बजट से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली प्रदेश कैबिनेट की बैठक में होगा।