विधान परिषद चुनाव में 41 विधायकों के दम पर भाजपा का दो उम्मीदवार उतारना चर्चा का विषय बन गया है। अटकलें हैं कि यह फैसला पार्टी के भावी गेमप्लान का हिस्सा तो नहीं है। पार्टी के रणनीतिकार कहीं इस बहाने भविष्य की संभावनाओं को तो नहीं टटोल रहे।
विधान परिषद चुनाव में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 32 वोटों की जरूरत है। इस लिहाज से पार्टी अपने 41 विधायकों की बदौलत लक्ष्मण आचार्य व दयाशंकर सिंह में से किसी एक को ही जिता सकती है।
लक्ष्मण आचार्य को पार्टी ने बाकायदा उम्मीदवार घोषित किया है। जाहिर है पार्टी की वरीयता में वे जरूर होंगे। ऐसे में आचार्य को 32 वोटों का कोटा आवंटित करने के बाद पार्टी के पास दयाशंकर सिंह के लिए सिर्फ नौ वोट ही बचेंगे।
पार्टी के रणनीतिकारों को दयाशंकर सिंह को जिताने के लिए दूसरे दलों से 23 मतों का इंतजाम और करना होगा। माना जा रहा है कि इस बहाने भाजपा ने दूसरे दलों में उन विधायकों पर डोरे डालने की कोशिश की है जिनका मन अब अपनी पुरानी पार्टी में नहीं लग रहा।