इलाज के दौरान दवाएं, जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई भी नि:शुल्क होगा। योजना में पात्र परिवार के सभी सदस्य योजना के पात्र होंगे। आयु सीमा व संख्या की बाध्यता नहीं होगी। भारत सरकार द्वारा चिन्हित पिछड़े आठ जिलों में अस्पतालों को निर्धारित पैकेज के अलावा प्रोत्साहन के रूप में परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव दिए जाएंगे।
पायलट रन का मकसद योजना में आने वाली खामियों का आंकलन करके उसे दुरुस्त करना है। इस मौके पर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पद्माकर सिंह, निदेशक बलरामपुर डॉ. राजीव लोचन व साचीज के अधिकारी मौजूद थे।
आरोग्य मित्र करेगा मदद
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि प्रदेश को चार जोन में बांटकर इस योजना को लांच किया जा रहा है। हर जोन में एक इम्प्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी (आईएसए) होगी। जो क्लेक की जांच करेगी। लाभार्थियों की मदद के लिए एक आरोग्य मित्र की तैनाती की जा रही है। इसे पांच हजार रुपये मानदेय और प्रति मरीज 50 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर तीन प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की जाएगी। आयुष्मान भारत योजना लागू होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
योजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1800111565 की शुरुआत की है। प्रदेश सरकार इस योजना के लिए एक अलग कॉल सेंटर की स्थापना करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री व सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दे दी है। योजना पहली बार इंश्योरेंस (बीमा) मोड की जगह एश्योरेंस (विश्वास) मोड पर चलेगी। योजना में 1350 सर्जिकल व मेडिकल प्रोसीजर शामिल किए गए हैं।
इसमें लाभार्थी परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक फ्लोटर के आधार पर अनुबंधित राजकीय व निजी अस्पतालों में इलाज मिलेगा। योजना के संचालन के लिए स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस (साचीज) को अधिकृत किया गया है। जो स्टेट हेल्थ एजेंसी के रूप में कार्य करेगी। स्टेट हेल्थ एजेंसी के सीईओ/ऑपरेशंस टीम के मार्गदर्शन निगरानी व पर्यवेक्षण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक गवर्निंग काउंसिल होगी। जिसमें 13 विभागों जैसे वित्त, आवास, शिक्षा, ग्राम्य, चिकित्सा शिक्षा और महानिदेशालय के महानिदेशक आदि शामिल होंगे।
शुरुआती संचालन के लिए 59 करोड़ रुपये का प्रशासनिक बजट जारी किया गया है। इमसें 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार का हिस्सा है। इसके अलावा प्रदेश सरकार 440 करोड़ रुपये बजट योजना के लिए देगी। 660 करोड़ रुपये इसमें केंद्र सरकार मदद करेगी।