लखनऊ। केंद्रीय बजट से राजधानी के आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों की प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जगी है। यहां टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, एचसीएल और रॉयल इनफिनिटी जैसी बड़ी कंपनियों के निवेश से विद्यार्थियाें को बेहतर स्किल मिलेगी, रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और कौशलपरक शिक्षा से स्टार्टअप व स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
राजधानी में पांच राजकीय आईटीआई, जबकि दो राजकीय पॉलीटेक्निक संचालित हैं। यहां प्रयोगशालाओं को आधुनिक तकनीकी के आधार पर विकसित करने की तैयारी है। विभाग के अनुसार, अलीगंज राजकीय आईटीआई में स्थापित टाटा मोटर्स और मारुति कंपनी की प्रयोगशाला का विस्तार होगा। एचसीएल और राॅयल इनफिनिटी के सहयोग से परिसर में नई प्रयोगशालाएं भी बनाई जाएंगी। इसी तरह राजकीय पॉलीटेक्निक में मारुति सुजुकी कंपनी केमिकल लैब की स्थापना करेगी। केंद्रीय बजट में यदि लखनऊ को हिस्सेदारी मिलती है तो प्रयोगाशाला की तस्वीर बदल जाएगी।
राज्य व्यावसायिक विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल वर्मा ने बताया कि केंद्रीय बजट के मुताबिक, प्रयोगशाला के रूप में कंपनियों के निवेश से विद्यार्थियों को बेहतर स्किल मिल सकेगी। राजकीय पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य संजीव सिंह ने बताया कि सभी सेक्टरों को एआई तकनीकी से जोड़ा जा रहा है। एक केंद्र के रूप में स्थापित होने से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।