याचियों के अधिवक्ता ने कहा कि इससे परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षामित्रों के हित प्रभावित होंगे। परिहार ने कहा कि 6 जनवरी को हुई भर्ती परीक्षा में क्वालिफाइंग मार्क्स रखना भी था तो इन्हें पहले की भांति सामान्य वर्ग के लिए 45 फीसदी व आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी ही रखा जाना चाहिए था।
उनकी बहस सोमवार को भी जारी रहेगी। सैकड़ों शिक्षामित्रों की तरफ से दायर कई याचिकाओं पर न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ में सुनवाई अंतिम दौर में चल रही है।