लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केजीएमयू परिसर स्थित दो दरगाहों से संबंधित एक याचिका खारिज कर दी है। याचिका में उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक क्रियाकलापों में दखल न देने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। यह याचिका सैयद बाबर इस्लाम व एक अन्य व्यक्ति ने दायर की थी। याचियों ने दरगाह हजरत मखदूम शाहमीना साहिब और दरगाह जैजुल हरमैन शाह का जिक्र किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अपनी व्यथा वक्फ अधिनियम 1995 के तहत उठा सकते हैं। इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही उचित मंच पर अपील की जा सकती है। इस टिप्पणी के साथ ही खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।