सरकार या उसकी नीतियों के खिलाफ लोकसेवक टिप्पणी नहीं कर सकते हैं। यह अंकुश राज्य के कर्मचारियों से अधिक उच्च सेवा के आईएएस व आईपीएस अफसरों पर होना चाहिए।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच ने सोमवार को निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर की याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।
अधिकरण की नवनीत कुमार और ओपीएस मलिक की बेंच ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुछ अपरिहार्य प्रतिबंध जरूरी हैं।
चूंकि अखिल भारतीय सेवा के अफसर सरकार में उच्च पदों पर तैनात रहते हैं, इसलिए उन पर यह प्रतिबंध और भी कड़ा होना चाहिए। अनुशासन और नियंत्रित गवर्नेंस के लिए यह प्रतिबंध जरूरी है।