नीरज ‘अम्बुज’
लखनऊ। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना का शिकार हुई डबल डेकर बस कागजों में फिट थी। फिटनेस से लेकर प्रदूषण तक सारे कागज मुकम्मल थे। लेकिन मौके पर बस की जांच में तमाम खामियां मिलीं। बस में 16 स्लीपर व 32 सिटिंग सीटों की क्षमता थी, लेकिन छेड़छाड़ कर 43 स्लीपर सीटें बना दी गई थीं। वहीं, सिटिंग सीटें सिर्फ नौ मिलीं। बस में 90 यात्री ठूंसे गए थे।
इमरजेंसी गेट के सामने भी सीट लगा दी गई थी, जिससे गेट बंद हो गया था। बस की छत पर भी अतिरिक्त लोहे के स्ट्रक्चर लगाए गए थे और लंबाई-चौड़ाई से भी छेड़छाड़ की गई थी। यह जानकारी मौके पर पहुंचे उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम, आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय व एआरटीओ, प्रवर्तन आलोक कुमार यादव की जांच में सामने आई।
होने चाहिए थे दो ड्राइवर
लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवरों के होने का नियम है, लेकिन इसमें सिर्फ एक ही ड्राइवर था। जिसे पंजाब से बिहार तक पूरी 1360 किमी की दूरी तय करनी थी। मानकों के अनुसार 4.5 घंटे ड्राइविंग के बाद कम से कम पौन घंटे का ब्रेक लेना चाहिए। 14 घंटे की ड्यूटी के दौरान तीन घंटे आराम जरूरी है। इसका पालन नहीं हो रहा था।
कागजों में पूरी तरह फिट थी डबल डेकर बस
डबल डेकर बस गुरुग्राम हरियाणा में प्रदीप कुमार के नाम पंजीकृत थी। बस संख्या एचएआर 55 एएफ 1323 की उम्र छह साल व आठ महीने ही थी। भारत स्टेज चार श्रेणी की बस का पंजीकरण 3 जून, 2019 को हुआ था। फिटनेस 27 अगस्त 2027 को पूरी हो रही है। टैक्स इस वर्ष 28 फरवरी और इंश्योरेंस 27 अगस्त तक मान्य है। परमिट 3 जून, 2029 तक और पॉल्यूशन पीयूसीसी 11 फरवरी 2027 तक का है। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि कागजातों के लिहाज से बस फिट थी। परमिट, इंश्योरेंस, टैक्स, पॉल्यूशन आदि पूरे थे।
67 चालान के साथ दौड़ रही थी
डबल डेकर बस पर कुल 67 चालान हुए हैं। जिन्हें जमा नहीं किया गया। इतने चालान होने के बावजूद बस सड़क पर दौड़ रही थी। इस बीच 50 से अधिक आरटीओ, एआरटीओ के क्षेत्रों से बस गुजरी थी। न पुलिस, न ट्रैफिक और न ही परिवहन विभाग की ओर से बस के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
आज होगी तकनीकी जांच
बस की तकनीकी जांच मंगलवार को की जाएगी। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि बस के ब्रेक, पहियों, टायर, वायरिंग सहित अन्य तकनीकी जांच आरआई टेक्निकल की ओर से की जाएगी। उनकी रिपोर्ट आने पर ही बस की तकनीकी स्थिति सामने आ सकेगी।
दुर्घटनाग्रस्त डबल डेकर बस।
दुर्घटनाग्रस्त डबल डेकर बस।