जांच में पता चला कि ग्रांट देने के लिए प्रदेश की 1123 ग्राम पंचायतों का अनियमित तरीके से चयन किया गया। अपात्र ग्राम पंचायतों की सूची तैयार कर आपसी सहमति से फैसला लिया गया।
इन जिलों के डीपीआरओ पर हुई कार्रवाई
बाराबंकी, उन्नाव, वाराणसी, गाजीपुर, सहारनपुर, इटावा, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, गोरखपुर, आजमगढ़, महाराजगंज और देवरिया शामिल हैं।
अब ग्राम पंचायत सचिव व एपीओ की तय होगी भूमिका
जांच अधिकारियों के अनुसार, अब ग्राम पंचायत सचिव से लेकर एपीओ तक की भूमिका तय की जाएगी। मामला सरकारी अफसरों से जुड़ा होने की वजह से उनके खिलाफ चार्जशीट लगाई जाएगी और अभियोजन के लिए शासन से अनुमति भी ली जाएगी।