राघव बिहार कॉलोनी निवासी कल्पना मिश्रा कहतीं हैं कि टमाटर के दामों में तो आग लगी है। कोई भी रसेदार सब्जी टमाटर के बिना बेस्वाद है। मंडी व फुटकर बाजार में दोनों की कीमतों में ज्यादा फर्क नहीं है।
हरी सब्जियों ने दी राहत
अशरर्फी भवन निवासी लीना वर्मा कहतीं हैं कि बरसात कम होने पर हरी सब्जियों के दाम कम हुए हैं लेकिन टमाटर, अदरक के दाम बढ़ते जा रहे हैं। कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को ठोस प्रयास करना होगा।